Wednesday, May 20, 2026 |
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पश्चिम एशिया संकट के बीच अमेरिका से एलपीजी लेकर जहाज भारत पहुंचा

by Business Remedies
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Amid the crisis in West Asia, a ship carrying LPG from the US arrived in India, while crude oil supplies from Russia also increased. Learn the full story and India's energy strategy.

New Delhi,

वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला संकट और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका से तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) लेकर एक बड़ा मालवाहक जहाज भारत के मंगलौर बंदरगाह पर पहुंचा है। इससे देश में ऊर्जा आपूर्ति को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। टेक्सास राज्य से एलपीजी लेकर आया ‘पिक्सिस पायनियर’ नामक जहाज सफलतापूर्वक बंदरगाह पर खड़ा किया गया। इससे पहले ‘एक्वा टाइटन’ नाम का एक अन्य जहाज भी भारत पहुंच चुका था। वहीं, रूस से कच्चा तेल लेकर एक और जहाज भी मंगलौर पहुंचा, जिससे आपूर्ति स्थिति को संतुलित करने में मदद मिली है। बताया जा रहा है कि रूसी कच्चा तेल लेकर आया जहाज बंदरगाह से लगभग 18 समुद्री मील दूर खड़ा था। इस तेल को पाइपलाइन तक पहुंचाने के लिए सिंगल-पॉइंट मूरिंग प्रणाली का उपयोग किया जाएगा, जिससे इसे एमआरपीएल तक भेजा जाएगा।

रूस से कच्चे तेल की आपूर्ति उस समय संभव हो सकी जब अमेरिका ने 12 मार्च तक समुद्र में फंसे रूसी तेल की बिक्री के लिए अस्थायी अनुमति दी। इस कदम का उद्देश्य पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक ईंधन कीमतों को स्थिर करना है। इसी बीच भारत ने रूस से तेल खरीद में तेजी से बढ़ोतरी की है। यह निर्णय उस समय लिया गया जब अमेरिका ने भारत को अस्थायी रूप से रूसी तेल आयात बढ़ाने की अनुमति दी। ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण मध्य पूर्व में तेल आपूर्ति बाधित होने के चलते यह कदम उठाया गया है।

इससे पहले भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर ‘नंदा देवी’ गुजरात के वडिनार बंदरगाह पर पहुंचा था। इसी सप्ताह ‘शिवालिक’ नामक एक अन्य जहाज मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंच चुका है। इन दोनों जहाजों ने देश में एलपीजी की महत्वपूर्ण आपूर्ति सुनिश्चित की है। ये सभी जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरे, जहां ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जारी संघर्ष के कारण समुद्री यातायात प्रभावित हुआ है और यात्रा जोखिमपूर्ण बनी हुई है। वर्तमान में पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में 22 भारतीय जहाज मौजूद हैं, जिनमें 611 भारतीय नाविक सवार हैं। नौवहन महानिदेशालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जहाज मालिकों व संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहा है।



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