मुंबई,
एशियन पेंट्स ने दिसंबर 31, 2025 को समाप्त तिमाही Q3 FY26 के नतीजे घोषित किए, जिसमें कंपनी के समेकित शुद्ध लाभ में 4.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। स्टॉक एक्सचेंज में दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी का शुद्ध लाभ घटकर लगभग Rs.1,074 करोड़ रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही Q3 FY25 में यह करीब Rs.1,128 करोड़ था। तिमाही के दौरान परिचालन से प्राप्त आय में वर्ष-दर-वर्ष आधार पर लगभग 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह Rs.8,867.02 करोड़ पर पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में Rs.8,549.44 करोड़ थी। इससे संकेत मिलता है कि बिक्री में सुधार हुआ, लेकिन कुछ असाधारण खर्चों के कारण लाभप्रदता प्रभावित हुई।
कंपनी ने बताया कि शुद्ध लाभ के आंकड़ों में Rs.157.61 करोड़ के असाधारण मद शामिल हैं। इनमें मुख्य रूप से श्रम संहिता प्रावधानों से जुड़े खर्च और ओब्जेनिक्स सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड, जिसे व्हाइट टीक के नाम से भी जाना जाता है, के अधिग्रहण के बाद हुई परिसंपत्ति मूल्यह्रास हानि शामिल है। परिचालन स्तर पर एशियन पेंट्स का प्रदर्शन मजबूत रहा। मूल्यह्रास, ब्याज, कर, अन्य आय और असाधारण मदों से पहले का लाभ 8.8 प्रतिशत बढ़कर Rs.1,781 करोड़ हो गया, जो एक वर्ष पहले Rs.1,636.7 करोड़ था। इस अवधि में लाभ मार्जिन भी सुधरकर 20.1 प्रतिशत हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 19.2 प्रतिशत था।
असाधारण मदों और कर से पहले का लाभ 8.5 प्रतिशत बढ़कर Rs.1,646.7 करोड़ रहा। वहीं अल्पांश हिस्सेदारी और असाधारण मदों से पहले का शुद्ध लाभ 7.7 प्रतिशत बढ़कर Rs.1,215.7 करोड़ हो गया। हालांकि, जब असाधारण मदों और अल्पांश हिस्सेदारी को समायोजित किया गया तो अंतिम शुद्ध लाभ में गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सिंगल ने कहा कि तिमाही का प्रदर्शन कंपनी की पहचानी गई विकास पहलों पर निरंतर कार्यवाही का परिणाम है, जबकि व्यापक बाजार प्रतिस्पर्धा और कमजोर मांग की स्थिति बनी रही। उन्होंने बताया कि कंपनी ने ब्रांड निर्माण गतिविधियों को तेज किया है, खुदरा स्तर पर नई पहलें शुरू की हैं और नवाचारी उत्पाद एवं सेवाएं बाजार में उतारी हैं।
Stock Market Update के अनुसार तिमाही नतीजों की घोषणा के बाद एशियन पेंट्स के शेयरों में नकारात्मक प्रतिक्रिया देखी गई। दिन के कारोबार के दौरान शेयर लगभग 4 प्रतिशत तक गिर गए, जिससे निवेशकों में सतर्कता का माहौल रहा। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में मांग की स्थिति और लागत नियंत्रण कंपनी के प्रदर्शन की दिशा तय करेंगे।




