बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सहकारिता देश और प्रदेश को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने का द्वार है। सहकारिता को आमजन से जोडऩे के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है ताकि उनके जीवन स्तर पर बड़ा बदलाव आए। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रत्येक पंचायत को सहकारिता से जोडऩे के लिए ग्रामीण सहकारी समितियों (जीएसएस) की स्थापना पर कार्य किया जा रहा है। इससे किसानों को आसानी से बीज और खाद उपलब्ध हो पाएंगे। शर्मा बुधवार को जयपुर के बिडला सभागार में सहकार भारती और सहकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक स्थानीय समुदाय की आवश्यकताओं को गहराई से समझते हैं। इन बैंकों ने छोटे उद्यमियों, दुकानदारों, कारीगरों और मध्यमवर्गीय परिवारों को आसान ऋण उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई है। ये आर्थिक सशक्तिकरण के प्रमुख वाहक के रूप में उभरे हैं। उन्होंने कहा कि आज इसकी प्रदेश में 236 शाखाएं कार्यरत हैं। वहीं, सदस्य संख्या सा?े चार लाख से भी अधिक है।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व और केन्द्र्रीय सहकारिता मंत्री के मार्गदर्शन में सहकारिता का स्वर्ण काल: मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की सहकारिता अपने स्वर्ण काल से गुजर रही है। उनकी पहल पर ‘सहकार से समृद्धि’ की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से वर्ष 2021 में सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की गई। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए कई दूरगामी निर्णय किए हैं। हाल ही में केन्द्र सरकार ने देश में पहली विस्तृत राष्ट्रीय को-ऑपरेटिव पॉलिसी लॉन्च की है। साथ ही, पिछले चार वर्षों में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों, डेयरी, मत्स्य, सहकारी बैंकों, चीनी सहकारी संस्थाओं और सहकारी शासन प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए 100 से अधिक पहल की हैं।
42 हजार करोड़ से अधिक के ब्याज मुक्त अल्पकालिक फसली ऋण वितरित: मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सहकारिता को बढ़ावा देते हुए किसान और पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। उन्होंने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी विकेन्द्रीकृत अन्न भण्डारण योजना के अन्तर्गत घमूडवाली पैक्स में गोदाम, प्रसंस्करण यूनिट और कस्टम हायरिंग केन्द्र की स्थापना जैसे कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही, राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना से गोपालकों को लाभान्वित किया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि सहकारी बैंकों के माध्यम से राज्य सरकार ने अब तक किसानों को लगभग 42 हजार 394 करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त अल्पकालिक फसली ऋण उपलब्ध कराए हैं तथा करीब 404 करोड़ रुपये के फसली ऋण वितरित किए हैं।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान सहकारिता के क्षेत्र में अग्रणी राज्य: सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। सहकारिता क्षेत्र में हो रहे नवाचारों में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सहकारिता आंदोलन अहम भूमिका निभाएगा। आरबीआई के निदेशक सतीश मराठे ने कहा कि देश की आर्थिक धारा में सहकारी बैंकों की भूमिका निरंतर महत्वपूर्ण होती जा रही है। अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं के बीच वित्तीय समावेशन का सशक्त माध्यम है, जिनसे छोटे व्यापारी, मध्यम वर्ग और उद्यमी वर्ग को वित्तीय सहायता सरलता से उपलब्ध हो रही है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने सहकार भारती द्वारा प्रकाशित मार्गदर्शिका का विमोचन किया। साथ ही, उन्होंने संस्थान द्वारा शुरू किए गए सदस्यता अभियान के एप का लोकार्पण कर सदस्यता भी ली।

