नई दिल्ली। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) ने आज 7वां ऑटो रिटेल कॉन्क्लेव आयोजित किया। इसका थीम था – “Self-Sustaining Success: Transforming Auto Retail for Naya Bharat”। देशभर से 500 से अधिक प्रतिनिधियों, उद्योग जगत के दिग्गजों और नीति-निर्माताओं ने इसमें भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने किया, जबकि केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने वर्चुअल संबोधन दिया। उद्योग जगत के कई वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद रहे। गडकरी ने कहा कि भारत अब विश्व का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार है और अगले पांच साल में नंबर-वन बनने का लक्ष्य रखता है। उन्होंने हरित ऊर्जा, बायोफ्यूल, हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक वाहनों को भविष्य की दिशा बताते हुए कहा कि यह केवल विकल्प नहीं बल्कि अवसर भी है।
कुमारस्वामी ने डीलरों को उद्योग की रीढ़ बताते हुए कहा कि देश में 15,000 से अधिक डीलरशिप और 20,000 आउटलेट्स 50 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार देते हैं। उन्होंने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, AI और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में डीलरों की अहम भूमिका पर जोर दिया।
FADA अध्यक्ष सी.एस. विग्नेश्वर ने कहा कि ऑटो रिटेल केवल गाड़ियों की बिक्री नहीं है, बल्कि यह 50 लाख से ज्यादा परिवारों की आजीविका का सहारा है और ₹3 लाख करोड़ से अधिक का वार्षिक कर योगदान देता है। उन्होंने OEM और डीलरों के बीच भरोसेमंद साझेदारी की जरूरत बताई। कॉन्क्लेव में डीलर सेफ्टी एक्ट, EV इकोसिस्टम सपोर्ट, डीलर संतुष्टि अध्ययन (DSS’25) और FADA CSR पहल जैसे कई अहम ऐलान किए गए।

