बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर Rajasthan Khadya Padarth Vyapar Sangh की कार्यकारिणी की बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार 1 जुलाई से 1 प्रतिशत कृषक कल्याण फीस प्रभावी हो जायेगा; को 3 वर्ष के लिये 0.50 प्रतिशत प्रभावी नहीं करती है और 2 प्रतिशत कृषक कल्याण फीस लगाने का प्रस्ताव लेकर आती है, आयातित कृषि जिंसों पर मण्डी टैक्स तथा कृषक कल्याण फीस नहीं समाप्त करती है, मोटे अनाज पर 2.25 प्रतिशत आड़त नहीं करती है तथा चीनी पर कृषक कल्याण फीस नहीं समाप्त करती है। और इस संबंध आदेश 1 जुलाई तक नहीं निकालती है तो 2, 3, 4, 5 जुलाई को राज्य की सभी मण्डियों में व्यापार बंद रहेगा तथा तेल मिल, दाल मिल, आटा मिल, मसाला उद्योग अपने व्यापार बंद रखने का आह्वान करेंगे। और 5 जुलाई को अनिश्चितकाल के लिए व्यापार बंद के लिये सोचा जायेगा।
Rajasthan Khadya Padarth Vyapar Sangh कार्यकारिणी में आज राजसमन्द, अलवर, बीकानेर, केकड़ी, श्रीमाधोपुर, गंगापुरसिटी, बड़ौदामेव, किशनगढ़, चाकसू, जयपुर, मुहाना मण्डी, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, कोटा, भरतपुर सहित 247 मण्डियों के प्रतिनिधि उपस्थित हुए। Rajasthan Khadya Padarth Vyapar Sangh के चेयरमैन बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि राज्य सरकार 2 प्रतिशत मण्डी टैक्स लगाकर 1.50 प्रतिशत वापिस करना चाहती है। यह विदित ही है कि 1 जुलाई से कृषि मण्डी सेस 1 प्रतिशत कृषि विपणी नियम में उद्धृत होने के कारण लागू हो जायेगा। राज्य सरकार प्रत्येक 2 महीने में कृषक कल्याण फीस में छूट करती रही है। अभी मौजूदा समय में 50 पैसे सैंकड़ा प्रभावी है। इसलिये उपस्थित सभी सदस्यों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार एक ही टर्नऑवर पर 2 तरह की फीस यानि मण्डी शुल्क तथा कृषक कल्याण फीस लगाना चाहती है जो कानून सम्मत नहीं है। सर्वसम्मति से कार्यकारिणी ने निर्णय लिया है कि यदि राज्य सरकार 2 प्रतिशत कृषक कल्याण शुल्क लगाने की बात करती है और 50 पैसे सैंकड़े को निरन्तर नहीं करती है, राज्य से बाहर आयात की गयी कृषि जिंसों पर मण्डी फीस तथा कृषक कल्याण शुल्क माफ नहीं करती है, मोटे अनाज पर आड़त 2.25 प्रतिशत नहीं करती है तथा चीनी पर कृषक कल्याण फीस समाप्त नहीं करती है तो राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ 2, 3, 4, 5 जुलाई को सांकेतिक व्यापार बंद रखेगा और 5 जुलाई को मीटिंग बुलाकर अनिश्चितकालीन व्यापार बंद के लिये सोच कायम करेगा। मुख्यमंत्री जी ही कृषि विपणपन मंत्री भी है; इसलिये उपस्थित सदस्यों का यह भी मत रहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखा जायें और राजस्थान संघ के प्रतिनिधिमण्डल के मिलने हेतु मुख्यमंत्री जी से समय मांगा जायें और उन्हें समस्याओं से अवगत कराया जायें। मुख्यमंत्री जी को समय देने हेतु पत्र भेज दिया गया है।

