मुंबई। 360 वन म्यूचुअल फंड ने अपने स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) प्लेटफॉर्म ‘डायनासिफ’ के तहत डायनासिफ इक्विटी एक्स-टॉप 100 लॉन्ग-शॉर्ट फंड लॉन्च करने की घोषणा की है। यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी निवेश रणनीति है, जिसका उद्देश्य मिड और स्मॉल-कैप कंपनियों में निवेश के माध्यम से लंबी अवधि में पूंजी वृद्धि हासिल करना है। फंड का न्यू फंड ऑफर (NFO) 5 जून 2026 को खुल गया है और 19 जून 2026 तक निवेशकों के लिए खुला रहेगा।
कंपनी के अनुसार भारत का मिड और स्मॉल-कैप यूनिवर्स मजबूत आय वृद्धि क्षमता, बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस और दीर्घकालिक विकास संभावनाओं के कारण आकर्षक निवेश अवसर प्रदान करता है। हालांकि इस क्षेत्र में सफल निवेश के लिए अनुशासित स्टॉक चयन और सक्रिय जोखिम प्रबंधन की आवश्यकता होती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस फंड को डिजाइन किया गया है।
फंड की निवेश रणनीति के तहत पोर्टफोलियो का कम से कम 65 प्रतिशत हिस्सा बाजार पूंजीकरण के आधार पर शीर्ष 100 कंपनियों से बाहर की मिड और स्मॉल-कैप कंपनियों में निवेश किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर 35 प्रतिशत तक निवेश लार्ज-कैप कंपनियों में भी किया जा सकेगा। इसके अलावा बाजार में जोखिम बढ़ने की स्थिति में 25 प्रतिशत तक निवेश ट्रेजरी बिल, मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स और कॉर्पोरेट बॉन्ड जैसे डेट साधनों में किया जा सकता है।
इस फंड की एक प्रमुख विशेषता सीमित शॉर्ट एक्सपोजर की सुविधा है। फंड मिड और स्मॉल-कैप कंपनियों के डेरिवेटिव्स के माध्यम से 25 प्रतिशत तक शॉर्ट पोजीशन ले सकता है। इसका उद्देश्य उन कंपनियों में संभावित गिरावट से लाभ अर्जित करना है, जिनके कारोबारी प्रदर्शन में कमजोरी दिखाई देती है। साथ ही, नियमित आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में फंड 20 प्रतिशत तक निवेश इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (InvITs) में भी कर सकता है।
360 वन एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राघव अयंगर ने कहा कि भारत की मिड और स्मॉल-कैप कंपनियां वर्तमान में दुनिया के सबसे आकर्षक निवेश अवसरों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि यह बाजार विशाल है, विविध क्षेत्रों में फैला हुआ है और देश की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि से समर्थित है। उनके अनुसार निवेशकों को इस अवसर का लाभ उठाने के साथ-साथ जोखिम प्रबंधन पर भी ध्यान देना चाहिए और नया फंड इसी संतुलन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
कंपनी के सह-संस्थापक एवं मुख्य निवेश अधिकारी अनूप माहेश्वरी ने कहा कि शीर्ष 100 कंपनियों के बाहर सक्रिय फंड प्रबंधन के लिए अधिक अवसर उपलब्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार मजबूत विकास क्षमता वाली कंपनियां कम मूल्यांकन पर उपलब्ध होती हैं, जबकि कुछ कंपनियां अपने मूलभूत प्रदर्शन के मुकाबले अधिक मूल्यांकित होती हैं। फंड की लॉन्ग और शॉर्ट दोनों रणनीतियां ऐसे अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार की गई हैं।
फंड का बेंचमार्क BSE 500 TRI होगा। इसका प्रबंधन मयूर पटेल, हर्ष अग्रवाल, मिलन मोदी और प्रणव मिसे करेंगे। न्यूनतम निवेश राशि 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जबकि मान्यता प्राप्त निवेशकों के लिए यह सीमा 1 लाख रुपये रखी गई है। आवंटन की तिथि से तीन महीने के भीतर निकासी पर 0.5 प्रतिशत एग्जिट लोड लागू होगा।
उल्लेखनीय है कि डायनासिफ प्लेटफॉर्म के तहत इससे पहले फरवरी 2026 में डायनासिफ इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड और मार्च 2026 में डायनासिफ एक्टिव एसेट एलोकेटर लॉन्ग-शॉर्ट फंड लॉन्च किए जा चुके हैं। नया डायनासिफ इक्विटी एक्स-टॉप 100 लॉन्ग-शॉर्ट फंड इस प्लेटफॉर्म की तीसरी निवेश रणनीति है।
नोट : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

