पिछले दिनों से बांग्लादेश में स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। तख्तापलट के बाद बांग्लादेश की उद्योगों पर असर पड़ रहा है। कारोबार लगभग ठप-सा है। इस संकट का एक सकारात्मक असर भारत पर दिखाई दे सकता है। इस समय बांग्लादेश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री दुनिया की टॉप इंडस्ट्री में एक है। यहां बने कपड़े दुनियाभर में एक्सपोर्ट किए जाते हैं। बांग्लादेश के मौजूदा संकट के कारण इंडस्ट्री से जुड़े लोग भारत की तरफ रुख कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो भारत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री के अच्छे दिन आ जाएंगे। इससे न केवल कारोबार बढ़ेगा, बल्कि लोगों को रोजगार के भी मौके मिलेंगे। बांग्लादेश में जितनी टेक्सटाइल इंडस्ट्री हैं, उनमें से 25 फीसदी इंडस्ट्री भारतीयों की हैं। बांग्लादेश में संकट के बाद वहां का कपड़ा उद्योग तमिलनाडु के तिरुपुर जैसे शहर में शिफ्ट हो सकता है। जानकारी के अनुसार तिरुपुर में देश की कई कपड़ा इंडस्ट्री हैं। यहां लाखों लोग काम करते हैं। बांग्लादेश से जितना कपड़ा एक्सपोर्ट होता है, अगर उसका 10 से 11 फीसदी हिस्सा तिरुपुर जैसे शहरों की तरफ मुड़ जाए तो भारत के टेक्सटाइल बिजनेस में हर महीने 300 से 400 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हो जाएगी। बांग्लादेश संकट के बाद तिरुपुर की कपड़ा इंडस्ट्री को पहले के मुकाबले ज्यादा ऑर्डर मिलने शुरू हो जाएंगे। बांग्लादेश का कपड़ा कारोबार दुनियाभर में फैला हुआ है। बांग्लादेश से हर महीने 3.5 से 3.8 बिलियन डॉलर के बीच का एक्सपोर्ट होता है। इसमें यूरोपियन संघ से लेकर यूके तक शामिल है। वहीं कुल मार्केट का 10 फीसदी हिस्सा अमेरिका में एक्सपोर्ट होता है। अगर भारत की बात करें तो एक्सपोर्ट बांग्लादेश के मुकाबले काफी कम है। यह मात्र 1.3 से 1.5 बिलियन डॉलर के बीच है। बांग्लादेश संकट के कारण दुनियाभर के कारोबारी भारत में अपने ऑर्डर की संख्या बढ़ाएंगे। कईयों का मानना है कि भारत एक्सपोर्ट करने की क्षमता बढ़ा सकता है। वहीं दूसरी ओर बांग्लादेश में जिन भारतीयों की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगी हैं, वे उसे भारत में शिफ्ट कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह भारत के ही फायदे की बात होगी। इससे न केवल कपड़ा उद्योग बढ़ेगा बल्कि लोगों को रोजगार के भी अवसर मिलेंगे।

