Wednesday, May 20, 2026 |
Home Editorialमां दुर्गा की शक्ति और विजय का प्रतीक चैत्र नवरात्रि आज से

मां दुर्गा की शक्ति और विजय का प्रतीक चैत्र नवरात्रि आज से

by Business Remedies
0 comments

मां दुर्गा की शक्ति और विजय का प्रतीक चैत्र नवरात्रि आज से शुरू होगी, जो 27 मार्च को समाप्त होगी। यह पर्व हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को गुड़ी पड़वा या नव संवत्सर के रूप में मनाया जाता है। यह समय आत्म-साक्षात्कार, व्रत, उपवास और साधना के लिए बहुत शुभ माना जाता है। चैत्र नवरात्रि साल में आने वाले चार नवरात्रों में से सबसे पहले मनाए जाते है। इनमें से दो गुप्त नवरात्रि होती हैं। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को इसकी शुरूआत होती है। सनातन धर्म के अनुसार इसी दिन हिंदू नववर्ष की भी शुरूआत हो रही है। इस उत्सव के दौरान मां दुर्गा के नौ भिन्न रूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है और उनका आर्शीवाद लिया जाता है। जो महिलाओं की शक्ति और सामथ्र्य का सम्मान करती है। हर दिन मां की उपासना के दौरान ना केवल मंत्रों का जाप होता है बल्कि मां के स्वरूप के अनुसार उन्हें भोग और प्रसाद भी चढ़ाया जाता है। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन विधिवत तरीके से कलश स्थापना की जाती है, जिसे घट स्थापना भी कहा जाता है। वहीं नवरात्रि के नौवें दिन भगवान राम का जन्म उत्सव मनाया जाएगा। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान राम ने रावण से युद्ध करने से पहले लंका पर विजय पाने के लिए देवी दुर्गा की पूजा की थी, जो चैत्र मास में थी। यह समय शक्ति के प्रति भक्ति और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। चैत्र नवरात्रि का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा है। यह पर्व भगवान राम के जन्म के समय से मनाया जा रहा है। इस पर्व के दौरान भगवान राम ने मां दुर्गा की पूजा की थी और उन्हें शक्ति प्रदान करने के लिए कहा था।



You may also like

Leave a Comment