Wednesday, July 8, 2026 |
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World COPD Divas 2024: बीमारी का पता शुरू में ही लगाने और उसके प्रबंधन के लिए फेफड़ों के स्वास्थ्य को समझना

by Business Remedies
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बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली
World COPD (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिज़ीज़) दिवस 2024 के भाग के रूप में, स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस बात पर जोर दे रहे हैं कि फेफड़े के स्वास्थ्य और कार्य को जानना महत्वपूर्ण है। यह इस साल की थीम, ‘अपने लंगफंक्शन को जाने’ के क्रम में है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया भर में होने वाली मौतों में गैर-संचारी रोग (NDC) का हिस्सा 74 प्रतिशत है। सीओपीडी जैसी सांस की क्रोनिक बीमारी (CRD) स्वास्थ्य परिणामों को गंभीर रूप से प्रभावित करती है, खासकर भारत में। सीओपीडी सबसे प्रचलित लेकिन कम पहचानी जाने वालीसांस संबंधी स्थिति है, जो लगभग 55 मिलियन भारतीयों को प्रभावित करती है और ग्लोबल बर्डन ऑफ़ डिजीज़ स्टडी 2019 के अनुसार देश में मृत्यु का दूसरा प्रमुख कारण है।
फेफड़े के कार्य के परीक्षण के महत्व के बारे में बताते हुए डॉ. के. के. शर्मा, कंसल्टेंट पल्मोनरी एंड स्लीप मेडिसिन, जयपुर ने कहा कि सीओपीडी जैसी क्रोनिक श्वसन बीमारी के प्रभावी प्रबंधन और आगे की जटिलताओं को रोकने के लिए बीमारी का शुरू में ही पता चल जाना और उपचार शुरू होना महत्वपूर्ण हैं। स्पाइरोमेट्री, फेफड़े का एक कार्य परीक्षण है जो फेफड़ों द्वारा धारण की जा सकने वाली हवा की मात्रा और आप कितनी जल्दी साँस छोड़ सकते हैं, को मापता है। यह सीओपीडी का जल्द पता लगाने यानी इससे पहले कि स्थिति की गंभीरता और बढ़ जाए, के लिए अहम है।
सीओपीडी के प्रबंधन में जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, डॉ. निष्ठा सिंह, चेस्ट कंसल्टेंट, जयपुर ने बताया, ‘सीओपीडी प्रबंधन का लक्ष्य रोग की प्रगति को धीमा करना और फेफड़ों की कार्यक्षमता में गिरावट को कम करना है। भारत में 2022 में किए गए एक बड़े बहुकेंद्रीय ग्रामीण आबादी-आधारित अध्ययन के अनुसार सीओपीडी के लगभग दो-तिहाई मामलों का पता नहीं चला है और केवल पाँचवें हिस्से को उचित इनहेलेशन (साँस लेने) का उपचार मिल रहा है, जागरूकता बढ़ाने से जान बच सकती है। ब्रोंकोडायलेटर इनहेलर, सीओपीडी के प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिससे रोगियों को आसानी से सांसलेने में मदद मिलती है, जबकि पल्मोनरी रिहैबिलेशन (फुफ्फुसीय पुनर्वास) कार्यक्रम जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार कर सकते हैं। क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) फेफड़ों की एक बीमारी है जो सिगरेट के धुएं जैसी परेशान करने वाली चीजें साँस में लेने अथवा जाने से होती है। इससे श्वसन मार्ग में जो सूजन होती है उसे ठीक नहीं किया जा सकता है और सांस लेने में कठिनाई बनी रहती है। इसके आम लक्षणों में बलगम के साथ लगातार खांसी, सांस फूलना और थकान शामिल हैं। विश्व सीओपीडी दिवस 2024 सीओपीडी के बारे में जागरूकता बढ़ाने और फेफड़ों की शुरुआती देखभाल के महत्व को उजागर करने के लिए वैश्विक आह्वान के रूप में कार्य करता है। बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के लिए रोगियों और उनके परिवारों के लिए एक सहायक पारिस्थिति की तंत्र बनाना आवश्यक है। ब्रीदफ्री जैसी पहल, भौतिक और डिजिटल दोनों संसाधन मुहैया कराती है। इनमें हाल ही में फिर से शुरू की गई ब्रीदफ्री वेबसाइट शामिल है जो रोगियों को उनकी पूरी चिकित्सा यात्रा में सहायता करती है। इसमें स्क्रीनिंग से लेकर उपचार और उसपर अमल शामिल है। ये संसाधन रोगियों को उनके फेफड़ों के स्वास्थ्य और जीवन की समग्र गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 



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