Davos,
एक नई Report के अनुसार Artificial Intelligence भारत के पांच प्राथमिक क्षेत्रों — कृषि, शिक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा और विनिर्माण — में वर्ष 2035 तक 550 बिलियन डॉलर का योगदान कर सकती है। यह खुलासा World Economic Forum की वार्षिक बैठक में जारी PwC India की Report में किया गया। Report के मुताबिक AI का उपयोग भारत को उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक वैश्विक मानक के रूप में स्थापित कर सकता है, जहां प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल परिवर्तनकारी और समान विकास के लिए किया जाए। Report में बताया गया कि AI विभिन्न क्षेत्रों की वृद्धि को गति दे सकती है। कृषि क्षेत्र में यह फसल उत्पादकता बढ़ाने और कृषि अपशिष्ट कम करने में मददगार हो सकती है। शिक्षा में स्कूल प्रशासन को मजबूत बनाने, ऊर्जा क्षेत्र में बिजली चोरी रोकने, स्वास्थ्य सेवा में रोगों की शीघ्र पहचान करने तथा विनिर्माण क्षेत्र में गुणवत्ता सुधारने में AI महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
Report के अनुसार, वास्तविक पायलट परियोजनाओं ने इस क्षमता को पहले ही प्रदर्शित किया है। AI आधारित फसल परामर्श से दो अंकों की दक्षता वृद्धि दर्ज की गई। स्मार्ट मीटरिंग के माध्यम से बिजली चोरी के मामलों की उच्च सटीकता से पहचान की गई। वहीं AI आधारित टीबी पहचान प्रणाली से रोग सूचना दर में उल्लेखनीय सुधार हुआ। Report में कहा गया है कि यदि इन पहलों को व्यापक स्तर पर लागू किया जाए, तो हर वर्ष सैकड़ों मिलियन डॉलर की बचत संभव है। PwC India के अध्यक्ष संजीव कृष्णन ने कहा कि AI केवल तकनीकी बदलाव नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की शक्ति है। उनके अनुसार यह सकल घरेलू उत्पाद तक सीमित न रहकर लोगों को केंद्र में रखकर विकास की नई कल्पना प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि यदि आधारभूत संरचना, प्रतिभा और सुशासन में निवेश किया जाए तो नवाचार और समान विकास साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं, जिससे विकसित भारत का लक्ष्य मजबूत होगा।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने Report जारी करते हुए कहा कि AI जीवन के हर क्षेत्र में परिवर्तन ला रही है और राज्य शासन में भी इसे शामिल किया जा रहा है ताकि इसका लाभ आम लोगों तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि राज्य में मजबूत डिजिटल ढांचा तैयार किया गया है और अब डेटा के आधार पर गहन डिजिटलीकरण की दिशा में काम हो रहा है। किसानों के लिए मराठी भाषा में AI आधारित एक अनुप्रयोग विकसित किया गया है, जो फसल चक्र और कीटनाशक उपयोग की जानकारी प्रदान करता है। साथ ही राज्य में एक नवाचार शहर विकसित किया जा रहा है, जो AI एजेंडा को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि Ease Of Doing Business सुधार के तहत 17 कानूनों को समाप्त किया गया है। Report में AI Edge Framework भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें पांच प्रमुख परिणामों को रेखांकित किया गया है — परिचालन उत्कृष्टता, स्थिरता, सुशासन, लचीलापन और वित्तीय अनुशासन। Report के अनुसार AI का व्यापक उपयोग केवल दक्षता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पारदर्शिता, पर्यावरण संरक्षण, प्रणाली की विश्वसनीयता और समावेशी मूल्य सृजन पर भी जोर देगा। उद्यमी और निवेशक निखिल कामथ ने भारत के व्यापार और नीतिगत माहौल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में व्यावसायिक वातावरण बेहतर हो रहा है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में नीतिगत स्थिरता मजबूत रही है और भारत लगातार सुधार की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

