बिजऩेस रेमेडीज/मुंबई
दुनिया की प्रमुख मिनरल्स, एनर्जी एवं टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक वेदांता लिमिटेड (वेदांता) ने घोषणा की है कि इसे स्टॉक एक्सचेंज से अनुमोदन के लिए तथा प्रस्तावित डीमर्जर हेतु अपनी डीमर्जर योजना को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के साथ फाईल करने के लिए अपने 75 फीसदी सिक्योर्ड क्रेडिटर्स से हरी झण्डी मिल गई है।
वेदांता एक ऐसी कंपनी है जो प्राकृतिक संसाधनों में आत्मनिर्भर भारत के सपने को समर्थन प्रदान करने के लिए समर्पित है, ऐसे में यह डीमर्जर, मुख्य मिनरल्स, उर्जा सुरक्षा तथा नवीकरणीय एवं टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में भारत के विश्वस्तरीय लीडरशिप लक्ष्यों के अनुरूप है। यह डीमर्जर स्वतन्त्र कारोबार के निर्माण द्वारा वेदांता की कॉर्पोरेट संरचना को सुगम बनाएगा तथा विश्वस्तरीय निवेशकों को भारत के प्रभावशाली विकास से जुड़ी प्योर-प्ले कंपनियों में प्रत्यक्ष निवेश का अवसर देगा। इसी माह वेदांता की सालाना आम बैठक में वेदांता लिमिटेड के चेयरमैनअनिल अग्रवाल ने कहा था ‘हमारे कारोबार के डीमर्जर से 6 मजबूत कंपनियों का गठन होगा, इनमें से हर कंपनी के अपने अधिकार होंगे। इससे व्यापक अवसर उत्पन्न होंगे। डीमर्जर से बनी हर कंपनी वेदांता के कोर मूल्यों, इसकी उद्यमिता की भावना का अनुपालन करते हुए, वेदांता के विश्वस्तरीय नेतृत्व के साथ अपना पथ खुद तय करेगी।’
वेदांता के मौजूदा कारोबार को डीमर्जर के बाद निम्नलिखित छह स्वतन्त्र कंपनियों में संरचित किया जाएगा:
वेदांता एलुमिनियम
वेदांता ऑयल एण्ड गैस
वेदांता पावर
वेदांता स्टील एण्ड फैरस मटीरियल्स
वेदांता बेस मैटल्स
वेदांता लिमिटेड
डीमर्जर की योजना सरल तरीके से बनाई गई है, वेदांता लिमिटेड के हर 1 शेयर के लिए, जो वर्तमान में शेयरधारकों के पास है, उन्हें पांचों नई सूचीबद्ध कंपनियों का 1 शेयर मिलेगा। वेदांता का अपने शेयरधारकों को अच्छा रिटर्न देने का रिकॉर्ड रहा है। 30 जून 2024 को वेदांता का पिछले 5 सालों का कुल रिटर्न 276 फीसदी रहा और 5 सालों की औसत संचित लाभांश प्राप्ति 65 फीसदी रही, जो हितधारकों के लिए महत्वपूर्ण है।
वर्तमान में वेदांता भारतीय उपमहाद्वीप की एकमात्र विवध प्राकृतिक संसाधन कंपनी है। इसने भारत में 35 बिलियन डॉलर से अधिक निवेश किया है 50 सामारिक विकास परियोजनाओं के माध्यम से तेजी़ से विस्तार कर रही है। वेदांता के अनूठे पोर्टफोलियो में भारतीय एवं विश्वस्तरीय कंपनियों की सम्पत्ति शामिल है। यह भारत में जिंक और सिल्वर की एकमात्र और दुनिया की सबसे बड़ी उत्पादक है। यह एलुमिनियम की सबसे बड़ी उत्पादक और तेल की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की उत्पादक है, साथ ही भारत में विद्युत के सबसे बड़े उत्पादकों तथा नवीकरणीय उर्जा के खरीददारों में से एक है। यह भारत में निकल की एकमात्र उत्पादक है। वेदांता के पोर्टफोलियो में क्रोमियम, कॉपर तथा आयरन ओर एवं स्टील सहित पारम्परिक फेरस वर्टिकल शामिल है।

