बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली। अमेरीकी सरकार टैरिफ को लेकर फिर से सख्त नजर आ रही है। अमेरीकी सरकार आज से राष्ट्रपति ट्रम्प की तरफ से लगाए गए इमरजेंसी टैरिफ की वसूली बंद कर देगी। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने टैरिफ समझौते से पीछे हटने वाले देशों को चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि ट्रेड डील के नाम पर यदि किसी देश ने अमेरीका के साथ ‘खेल’ खेलने की कोशिश की तो उसके नतीजे बुरे होंगे। साथ ही और ऊंचे टैरिफ लगाए जाएंगे। इससे तीन दिन पहले ही अमेरीकी सुप्रीम कोर्ट ने इन टैरिफ को गैरकानूनी बताया था।
वर्ष,1977 के कानून इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (आईईईपीए) के तहत लगाए गए टैरिफ की वसूली मंगलवार रात 12 बजकर 1 मिनट (भारतीय समयानुसार सुबह 10.30 बजे) से बंद कर दी जाएगी। एजेंसी ने इम्पोर्ट्स को निर्देश दिया है कि इन टैरिफ से जुड़े सभी कोड उसके कार्गो सिस्टम से हटा दिए जाएंगे।
कई देशों ने पहुंचाया है अमेरीका को नुकसान: ट्रंप
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टूथ पर ट्रम्प ने कहा कि कई देशों ने अमेरीका को व्यापार में वर्षों तक नुकसान पहुंचाया है। ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है, जब मंगलवार से भारत समेत सभी देशों पर 15 फीसदी टैरिफ शुरू हो जाएगा। गौरतलब है कि कुछ देश 15 फीसदी टैरिफ का विरोध कर रहे हैं। ट्रंप ने ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों से ट्रेड डील कर 10 फीसदी अमरीकी बेस लाइन टैरिफ चुकाने पर सहमति जताई थी। अब 15 फीसदी टैरिफ चुकाना पड़ेगा।
भारत पर लगाई 18 फीसदी टैरिफ डील पर असर
अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप टैरिफ को अवैध करार देने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारत के साथ तय 18 प्रतिशत टैरिफ डील का क्या होगा? विशेषज्ञों का कहना है कि पहले से तय ट्रेड डील्स खत्म नहीं होंगी, बल्कि टैरिफ वसूली के लिए अमेरीका दूसरे कानूनी सेक्शन- जैसे 122, 232 और 301 का इस्तेमाल कर सकता है। यानि नाम बदल सकता है, लेकिन असर शायद वही रहे।
भारत के साथ क्या थी टैरिफ डील?
अमेरीका और भारत के बीच अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क के तहत भारत पर टैरिफ को 18 फीसदी तक रखने पर सहमति बनी थी। इसका मकसद व्यापार संतुलन और टैरिफ स्ट्रक्चर को व्यवस्थित करना था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद क्या यह डील खत्म हो जाएगी? ऐसा जरूरी नहीं है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि पहले से तय ट्रेड डील्स आमतौर पर बनी रहती हैं।
डील पर कमेंट करना जल्दबाजी: सीतारमण
अमेरीका में सुप्रीम कोर्ट द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को गैरकानूनी करार देने और फिर अचानक ट्रंप की ओर से दुनिया के सभी देशों पर पहले 10 फीसदी और फिर बढ़ाकर 15 फीसदी टैरिफ लगाया गया है।
इस टैरिफ के भारत पर असर के बारे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि अमेरीका में मचे टैरिफ घमासान का क्या असर होगा? खासतौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर फिलहाल कोई भी कमेंट करना जल्दबाजी होगा। उन्होंने कहा कि हमने कई डील की हैं। यूके और ईयू इसके ताजा उदाहरण हैं। हम चाहते हैं कि इंडियन इकोनॉमी आगे बढ़े और भारतीय प्रोडक्ट्स ग्लोबल मार्केट तक पहुंचें।

