बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली (आईएएनएस)। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने कहा है कि अब मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी उतनी ही जरूरी हो गई है जितनी कि पानी, बिजली और इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा। उन्होंने यह बात गुरुवार को ट्राई मुख्यालय में आयोजित एक कार्यशाला में कही, जिसका विषय था “डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए प्रॉपर्टीज की रेटिंग का ढांचा”।
उन्होंने बताया कि आज करीब 70-80 फीसदी मोबाइल डाटा ट्रैफिक इमारतों के अंदर इस्तेमाल होता है, इसलिए इमारतों में डिजिटल कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर (DCI) को निर्माण की योजना के समय से ही शामिल किया जाना चाहिए, न कि बाद में जोड़ा जाए। इस मौके पर उन्होंने ट्राई द्वारा 25 अक्टूबर 2024 को जारी की गई डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग रेगुलेशन 2024 का उल्लेख किया। यह एक स्वैच्छिक (voluntary), प्रदर्शन-आधारित (performance-based) स्टार रेटिंग सिस्टम है, जो यह बताता है कि कोई इमारत या ढांचा डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए कितना तैयार है। यह रेटिंग सिस्टम ग्रीन बिल्डिंग या ऊर्जा दक्षता रेटिंग की तरह होगा।
इस फ्रेमवर्क का उद्देश्य है कि घरों, दफ्तरों, स्कूलों, अस्पतालों, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, स्टेडियम, हाईवे आदि जैसे स्थानों पर बेहतर ब्रॉडबैंड और मोबाइल नेटवर्क सुविधा सुनिश्चित हो सके।
ट्राई चेयरमैन ने सभी मंत्रालयों, विभागों और संस्थानों से अपील की कि वे ष्ठष्टढ्ढ की आवश्यकताओं को अपने प्रोजेक्ट गाइडलाइंस, टेंडर डॉक्यूमेंट्स और प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में शामिल करें, ताकि देश का निर्माण क्षेत्र डिजिटल रूप से सक्षम और भविष्य के लिए तैयार हो।
यह फ्रेमवर्क डिजिटल इंडिया और स्मार्ट सिटी मिशन जैसी राष्ट्रीय योजनाओं के अनुरूप है और हर नागरिक के लिए समावेशी और उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ट्राई भविष्य में भी वर्कशॉप, सलाह-मशविरा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के ज़रिए हितधारकों के साथ जुड़ता रहेगा, ताकि देश में मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा सके।

