मुंबई,
पिछले सप्ताह वैश्विक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते भारत की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 7 कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में भारी गिरावट दर्ज की गई। इन कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्य लगभग 1.75 लाख करोड़ रुपये कम हो गया। यह गिरावट ऐसे सप्ताह में आई जो अवकाश के कारण छोटा रहा और जिसमें प्रमुख सूचकांक नीचे बंद हुए। stock market update के अनुसार, Sensex में 949.74 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जो 1.27 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है। वहीं Nifty भी 294.9 अंक गिरकर 1.27 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार, Nifty के तकनीकी स्तर पर यदि 22,700–22,500 के दायरे से नीचे निर्णायक गिरावट आती है, तो बिकवाली का दबाव और तेज हो सकता है, जिससे सूचकांक 22,000–21,744 के स्तर तक पहुंच सकता है, जो इसके 52-सप्ताह के निचले स्तर के आसपास है। वहीं ऊपर की दिशा में 23,000–23,100 का स्तर तत्काल प्रतिरोध के रूप में सामने आ रहा है, जबकि 23,300–23,500 का क्षेत्र मजबूत आपूर्ति क्षेत्र माना जा रहा है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पूरे सप्ताह बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा, जिसका मुख्य कारण वैश्विक संकेतों में अस्थिरता और पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव रहा। रिलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा के अनुसार, सप्ताह की शुरुआत में ऊर्जा आपूर्ति में बाधा की आशंका, कमजोर होता रुपया जो रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया, और बढ़ती बाजार अस्थिरता ने गिरावट को बढ़ाया। हालांकि सप्ताह के मध्य में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद से थोड़ी तेजी देखने को मिली, लेकिन सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को फिर से बिकवाली बढ़ने से बाजार नीचे आ गया और पहले की बढ़त समाप्त हो गई।
सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाली कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे आगे रही, जिसके बाजार मूल्य में 89,720.3 करोड़ रुपये की गिरावट आई और इसका कुल मूल्य घटकर 18.24 लाख करोड़ रुपये रह गया। एचडीएफसी बैंक के बाजार मूल्य में भी 37,248.59 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई। इसके अलावा भारतीय स्टेट बैंक का बाजार मूल्य 35,399.42 करोड़ रुपये घटा, जबकि आईसीआईसीआई बैंक के मूल्यांकन में 8,121.76 करोड़ रुपये की गिरावट आई। भारती एयरटेल, हिंदुस्तान यूनिलीवर और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज को भी इस सप्ताह नुकसान झेलना पड़ा।
हालांकि कुछ कंपनियों ने सकारात्मक प्रदर्शन भी किया। लार्सन एंड टुब्रो सबसे अधिक लाभ में रही, जिसके बाजार मूल्य में 18,051.68 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। बजाज फाइनेंस और इन्फोसिस ने भी अपने बाजार पूंजीकरण में वृद्धि दर्ज की। गिरावट के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है, इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का स्थान आता है।

