नई दिल्ली,
खाड़ी क्षेत्र में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। एलपीजी से भरे दो भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से खाड़ी क्षेत्र से निकलकर अब भारतीय तटों की ओर बढ़ रहे हैं। इन दोनों जहाजों में कुल लगभग 94 हजार मीट्रिक टन एलपीजी का माल है, जो देश की ऊर्जा जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार बीडब्ल्यू टीवाईआर नामक जहाज मुंबई की ओर बढ़ रहा है और इसके 31 मार्च तक पहुंचने की संभावना है। वहीं बीडब्ल्यू ईएलएम जहाज न्यू मैंगलोर की ओर जा रहा है, जिसके 1 अप्रैल तक पहुंचने का अनुमान है।
मंत्रालय ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय ध्वज वाले जहाज के साथ कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है और सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। वर्तमान में पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में कुल 18 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद हैं, जिनमें 485 भारतीय नाविक कार्यरत हैं। शिपिंग महानिदेशालय लगातार जहाज मालिकों, संबंधित एजेंसियों और भारतीय मिशनों के साथ समन्वय बनाकर स्थिति की निगरानी कर रहा है। शिपिंग महानिदेशालय का नियंत्रण कक्ष 24×7 सक्रिय है, जहां अब तक 4523 कॉल और 8985 ईमेल प्राप्त हो चुके हैं। पिछले 24 घंटों में 92 कॉल और 120 ईमेल दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा अब तक 942 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाने में मदद की गई है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 4 नाविक शामिल हैं।
देश के सभी प्रमुख बंदरगाहों पर संचालन सामान्य बना हुआ है और कहीं भी भीड़भाड़ की स्थिति नहीं है। गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, केरल, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के समुद्री बोर्डों ने सुचारू कार्य संचालन की पुष्टि की है। विदेश मंत्रालय भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और खाड़ी तथा पश्चिम एशिया क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। भारतीय मिशन वहां रह रहे भारतीय समुदाय के संपर्क में हैं और उन्हें समय-समय पर जरूरी सलाह और सहायता प्रदान की जा रही है। सरकार द्वारा एक विशेष नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जो भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की सहायता के लिए लगातार कार्य कर रहा है। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन के साथ भी समन्वय बनाए रखा जा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

