किसी को माफ करने से बहुत बड़ा सकून मिलता है, इससे शरीर और मन को तो शांति मिलती है। इसके अलावा पुराने मतभेदों को भुलाकर नए सिरे से शुरुआत करने का अवसर भी मिलता है। इसी उद्देश्य को लेकर आज के दिन विश्व क्षमा दिवस मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर में क्षमा और मेल-मिलाप को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। वर्ष,1994 में क्रिश्चियन एम्बेसी ऑफ क्राइस्ट एंबेसडेर की ओर से ब्रिटिश कोलम्बिया में राष्ट्रीय क्षमा दिवस की स्थापना की गई। उन्होंने विक्टोरिया शहर में इसे राष्ट्रीय क्षमा दिवस के रूप में घोषित करते हुए एक विशाल बैनर भी लटका दिया। इसके बाद इस दिन ने गति पकडऩी शुरू की और बाद में इसका नाम बदलकर वैश्विक क्षमा दिवस कर दिया गया। यह दिवस व्यक्तियों को द्वेष, नाराजगी और क्रोध को दूर करने के लिए प्रोत्साहित करता है। जब लोग किसी की भावनाओं या भरोसे को ठेस पहुंचाते हैं, तो बहुत गुस्सा आता है और नाराजगी होती है लेकिन जब वही लोग आपको सच्चा पछतावा दिखाते हैं और आपके साथ अपने रिश्ते को सुधारने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें माफ करने और उन्हें एक मौका देने का विचार आता है। यह लोगों को दूसरों के साथ अपने रिश्ते सुधारने के लिए प्रोत्साहित करने का एक सही अवसर है। इससे हम बात कर सकें और क्षमा करने की कला के बारे में प्रयास करते रहे। यह दिवस उत्कृष्टता, दया और सामंजस्य की भावना को प्रोत्साहित करता है। साथ ही संघर्षों और विवादों को सुलझाने के लिए प्रेरित करता है। क्षमा दिवस हमें बताता है कि जो लोग क्षमा करते हैं, वे क्रोध करने वालों की तुलना में अधिक खुश और स्वस्थ होते हैं। ऐसा कहा जाता है कि किसी को क्षमा करना या क्षमा का मार्ग खोजना कभी-कभी कठिन और चुनौतीपूर्ण हो सकता है, पर यह कुछ भी असंभव नहीं है।

