Friday, July 17, 2026 |
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टाटा पावर की माइक्रोग्रिड कंपनी ने दूध मूल्य श्रृंखला को सोलराइज करने के लिए नेशनल डेरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ हाथ मिलाए

by Business Remedies
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बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली

भारत की अग्रणी सोलर माइक्रोग्रिड कंपनी और टाटा पावर की संपूर्ण मालिकी की उपकंपनी, टीपी रिन्यूएबल माइक्रोग्रिड ने सहकारी डेरी मॉडल के रिए भारत की ग्रामीण वित्त व्यवस्था पर परिवर्तनात्मक प्रभाव डालने के लिए नामचीन नेशनल डेरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। डेरी मूल्य श्रृंखला में नूतनीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में उन्नति लाने के लिए अलग-अलग प्रयास करना इस साझेदारी का लक्ष्य है।

एनडीडीबी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. मीनेश शाह और टीपी रिन्यूएबल माइक्रोग्रिड के सीईओ मनोज गुप्ता ने टाटा पावर के सीईओ एवं एमडी डॉ. प्रवीर सिन्हा, भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग की अतिरिक्त सचिव वर्षा जोशी, एनडीडीबी के कार्यकारी निदेशक, मदर डेयरी के एमडी, एनडीडीबी डेयरी सर्विसेज के एमडी और अन्य प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों की  उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। दूध मूल्य श्रृंखला के भीतर स्थिरता और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए डिज़ाइन की गई कई महत्वपूर्ण पहल चलाना इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य होगा। इसमें डेयरी सहकारी समितियों (डीसीएस), बल्क मिल्क कूलर (बीएमसी) और मिल्क चिलिंग सेंटर का सोलराइजेशन शामिल है, जिसे अत्याधुनिक सोलर माइक्रोग्रिड तकनीक द्वारा सुगम बनाया गया है। एनडीडीबी के अध्यक्ष और एमडी डॉ. मीनेश शाह ने कहा, कि यह सहयोग दूध मूल्य श्रृंखला को स्थायी और कुशल बनाने के हमारे दृष्टिकोण को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अक्षय ऊर्जा समाधानों को एकीकृत करके, डेयरी मूल्य श्रृंखला में परिचालन दक्षता को बढ़ावा देना और हरित ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना हमारा उद्देश्य है। टीपीआरएमजी के साथ हमारी साझेदारी हमें एक हरित और अधिक टिकाऊ डेयरी क्षेत्र बनाने के हमारे लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगी।

एनडीडीबी और टीपी रिन्यूएबल माइक्रोग्रिड के सहयोगी प्रयासों के जरिए गुजरात के आणंद जिले के मुजकुवा को कार्बन न्यूट्रल गाँव बनाने की महत्वाकांक्षी योजना इस साझेदारी का एक प्रमुख आकर्षण है। ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं में स्थिरता को बढ़ावा देना और डेयरी उद्योग के लिए हरित भविष्य को बढ़ावा देना इस प्रयास का लक्ष्य है।

टाटा पावर के सीईओ और एमडी डॉ. प्रवीर सिन्हा ने कहा, कि राष्टीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ हमारी साझेदारी उन्नत अक्षय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करके, कार्बन उत्सर्जन को महत्वपूर्ण रूप से कम करके और परिचालन दक्षता को बढ़ाकर डेयरी क्षेत्र में क्रांति लाएगी। यह रणनीतिक गठबंधन पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा समाधानों को आगे बढ़ाने की हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है जो सतत विकास को बढ़ावा देते हैं और नए उद्योग मानक स्थापित करते हैं।

इसके अतिरिक्त, साझेदारी इन माइक्रोग्रिड में गोबर पर चलने वाले बायोगैस बिजली जनरेटर के एकीकरण को प्राथमिकता देगी, जिससे डेयरी क्षेत्र में स्थायी ऊर्जा प्रथाओं को बढ़ावा मिलेगा। डेयरी और कृषि क्षेत्रों में परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए ऊर्जा-कुशल चूल्हे (स्टोव), सौर ड्रायर और कोल्ड स्टोरेज समाधान भी लागू किए जाएंगे। इसके अलावा, सुधार के अवसरों की पहचान करने और कुशल, टिकाऊ समाधानों को लागू करने के लिए मौजूदा इलेक्ट्रिक और थर्मल सिस्टम पर व्यापक ऊर्जा ऑडिट किए जाएंगे। टीपीआरएमजी और एनडीडीबी के बीच यह रणनीतिक साझेदारी हरित ऊर्जा समाधानों को एकीकृत करके व पूरे दूध मूल्य श्रृंखला में स्थिरता को बढ़ावा देकर डेयरी उद्योग में एक बेंचमार्क स्थापित करेगी।

 

 



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