New Delhi,
आने वाले सप्ताह में भारतीय stock market पर global और domestic कारकों का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है। प्रमुख रूप से अमेरिका के केंद्रीय बैंक की नीति बैठक, चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे, भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बाजार की दिशा तय करेंगे। पिछले सप्ताह प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है।
Sensex और Nifty गिरावट के साथ बंद
भारतीय equity बाजार के प्रमुख सूचकांक Sensex और Nifty लगातार दो सप्ताह की बढ़त के बाद गिरावट के साथ बंद हुए। इसका मुख्य कारण बढ़ते वैश्विक तनाव और बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों की सतर्क टिप्पणियां रहीं। सप्ताह की शुरुआत में हल्की तेजी दिखी, लेकिन बाद में पूरे सप्ताह बिकवाली का दबाव बना रहा। Nifty में 1.87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 23,897.95 पर बंद हुआ। वहीं Sensex 2.33 प्रतिशत गिरकर 76,664.21 पर आ गया। विशेषज्ञों के अनुसार, Nifty के लिए ऊपर की ओर 24,000 का स्तर तुरंत अवरोध के रूप में देखा जा रहा है। इसके बाद 24,150 और 24,350 के स्तर महत्वपूर्ण रहेंगे। वहीं नीचे की ओर 23,800 और 23,700 पर समर्थन देखा जा रहा है। यदि सूचकांक 23,500 के नीचे निर्णायक रूप से जाता है, तो गिरावट और तेज हो सकती है।
Fed meeting पर निवेशकों की नजर
निवेशक अब अमेरिका के केंद्रीय बैंक की आगामी Fed meeting के परिणाम पर नजर बनाए हुए हैं, जो April 28–29 को निर्धारित है। बाजार को उम्मीद है कि लगातार तीसरी बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इससे पहले January और March में भी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। घरेलू स्तर पर चौथी तिमाही (Q4) के परिणामों का सीजन तेज होने वाला है। 31 March 2026 को समाप्त तिमाही के लिए 200 से अधिक कंपनियां अपने नतीजे घोषित करेंगी। निवेशक कंपनियों की टिप्पणियों पर विशेष ध्यान देंगे, जिससे मांग की स्थिति, लागत दबाव और विभिन्न क्षेत्रों के रुझानों का संकेत मिलेगा। हाल के समय में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों की धीमी अनुमानित वृद्धि ने बाजार की चिंता बढ़ाई है।
अमेरिका-ईरान तनाव का असर
भू-राजनीतिक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर भी बाजार की नजर बनी रहेगी। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को लेकर दिए गए हालिया बयान से अनिश्चितता बढ़ी है। इस स्थिति में किसी भी तरह की तीव्रता या नरमी का सीधा असर निवेशकों की भावना पर पड़ेगा। कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सप्ताह के दौरान कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। आपूर्ति संबंधी चिंताओं और अमेरिका-ईरान वार्ता की संभावनाओं ने कीमतों को प्रभावित किया है। कुल मिलाकर, आने वाला सप्ताह कई महत्वपूर्ण घटनाओं से भरा रहेगा, जो भारतीय Stock Market की चाल को प्रभावित कर सकते हैं।




