Sunday, June 28, 2026 |
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Crude Oil में गिरावट, US-Iran घटनाक्रम और आर्थिक आँकड़े अगले सप्ताह तय करेंगे शेयर बाजार की दिशा

by Business Remedies
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Stock Market Update showing Nifty, Sensex and Crude Oil impact on Indian equity market

अगले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में सतर्क सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है। विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने, Crude Oil की कीमतों में नरमी और वैश्विक निवेशकों की जोखिम लेने की बढ़ती भावना से बाजार को समर्थन मिलने की संभावना है। पिछले सप्ताह घरेलू शेयर बाजार ने मजबूत प्रदर्शन किया। Nifty में 390 अंक यानी 1.65 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई और यह 24,013.10 अंक पर बंद हुआ। वहीं Sensex में साप्ताहिक आधार पर लगभग 1.7  प्रतिशत की तेजी रही। इसके अलावा व्यापक बाजार में 3प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ।

बाजार में यह तेजी मुख्य रूप से US-Iran संबंधों में सकारात्मक प्रगति की खबरों के बाद देखने को मिली। इन घटनाक्रमों का सीधा असर Crude Oil की कीमतों पर पड़ा, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल लगभग 7 प्रतिशत सस्ता हो गया और इसकी कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई। विश्लेषकों का मानना है कि Crude Oil की कीमतों में गिरावट भारत के लिए बेहद राहत भरी है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है। कच्चे तेल की कीमत कम होने से महंगाई पर दबाव घट सकता है, चालू खाते के घाटे में सुधार आ सकता है और भारतीय मुद्रा को भी मजबूती मिल सकती है। पिछले सप्ताह भारतीय मुद्रा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग 1प्रतिशत मजबूत हुई।

तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, अगले सप्ताह 24,150 अंक से 24,200 अंक का स्तर Nifty के लिए तत्काल प्रतिरोध क्षेत्र रहेगा। यदि सूचकांक लगातार 24,200 अंक के ऊपर बना रहता है, तो बाजार में तेजी और मजबूत हो सकती है तथा 24,500 अंक तक की नई बढ़त देखने को मिल सकती है। वहीं दूसरी ओर, 23,850अंक से 23,800अंक का दायरा महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्र माना जा रहा है। यह स्तर 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के आसपास है। यदि Nifty 23,800अंक के नीचे फिसलता है, तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और सूचकांक 23,500 अंक तक पहुंच सकता है।

बाजार की दिशा तय करने में US-Iran से जुड़े नए घटनाक्रम और Crude Oil की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव सबसे महत्वपूर्ण कारक बने रहेंगे। निवेशकों की नजर इन दोनों पहलुओं पर लगातार बनी रहेगी। इसके अलावा, अगले सप्ताह 26 June को मुहर्रम के अवकाश के कारण कारोबार के दिन कम रहेंगे, जिससे बाजार में कारोबार की मात्रा भी सामान्य से कम रह सकती है।

निवेशक भारत के मई महीने के औद्योगिक उत्पादन (IIP) के आंकड़ों, अमेरिका के PCE महंगाई आंकड़ों और पहली तिमाही की GDP वृद्धि दर पर भी विशेष नजर रखेंगे। इन आर्थिक संकेतकों का असर घरेलू और वैश्विक निवेशकों की धारणा पर देखने को मिल सकता है। विश्लेषकों ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे केवल मजबूत बुनियादी स्थिति वाले शेयरों पर ध्यान दें, जोखिम प्रबंधन के नियमों का सख्ती से पालन करें और जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचें। फिलहाल बाजार का व्यापक रुख सीमित दायरे में रहते हुए तेजी की ओर झुका हुआ दिखाई दे रहा है।



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