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Steptrade Capital का Chanakya Opportunities Fund II पहली क्लोजिंग तक पहुंचा, तीन महीने में 100 करोड़ रुपये से अधिक की प्रतिबद्धताएं हासिल

by Business Remedies
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अहमदाबाद | बिजनेस रेमेडीज | भारत की अगली पीढ़ी की प्री-आईपीओ कंपनियों में निवेश के लिए 500 करोड़ रुपये के प्रारंभिक फंड आकार के साथ लॉन्च किया गया फंड, जिसका फोकस एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, एनर्जी ट्रांजिशन और उभरती प्रौद्योगिकियों पर है।

अहमदाबाद, 20 जुलाई, 2026: अहमदाबाद स्थित सेबी-पंजीकृत वैकल्पिक निवेश फंड प्रबंधक Steptrade Capital ने अपने CAT II AIF, Chanakya Opportunities Fund II (COF II) की पहली क्लोजिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। फंड ने लॉन्च के केवल तीन महीनों के भीतर निवेशकों से 100 करोड़ रुपये से अधिक की प्रतिबद्धताएं प्राप्त की हैं।

फरवरी 2026 में 500 करोड़ रुपये के लक्ष्य कोष के साथ लॉन्च किए गए Chanakya Opportunities Fund II ने विशेष प्रारंभिक भागीदारी चरण के माध्यम से अपनी पहली क्लोजिंग पूरी की। इस फंड ने अल्ट्रा-हाई-नेट-वर्थ व्यक्तियों, फैमिली ऑफिसों और भारत के तेजी से बढ़ते प्री-आईपीओ बाजार में निवेश की इच्छा रखने वाले अनुभवी निवेशकों से निवेश प्रतिबद्धताएं आकर्षित की हैं। पहली क्लोजिंग पूरी होने और अगस्त से पूंजी निवेश शुरू होने के साथ ही फंड अब पात्र निवेशकों के व्यापक समूह के लिए अपनी अगली निवेश विंडो खोल रहा है।

फंड की पहली क्लोजिंग ऐसे समय में हुई है, जब भारत के निजी बाजारों में निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। अधिक कंपनियां सूचीबद्ध होने से पहले लंबे समय तक निजी बनी रहना पसंद कर रही हैं, जिसके चलते निवेशक सार्वजनिक बाजार में सूचीबद्ध होने की प्रतीक्षा करने के बजाय कंपनियों के निजी स्वामित्व के अंतिम चरण में ही निवेश करना चाहते हैं।

Chanakya Opportunities Fund II को Chanakya Opportunities Fund I की विरासत को आगे बढ़ाते हुए लॉन्च किया गया है, जो भारत का पहला एसएमई एक्सचेंज-केंद्रित CAT II AIF था। इस श्रृंखला की स्थापना सीए क्रेशा गुप्ता ने की थी। COF I का सह-प्रबंधन सीए क्रेशा गुप्ता और अंकुश जैन, CFA ने किया था।

COF II का सह-प्रबंधन सीए क्रेशा गुप्ता और सीए अक्षय दावरा कर रहे हैं। इस फंड को तीन दीर्घकालिक निवेश विषयों के आधार पर तैयार किया गया है, जिनसे भारत के संरचनात्मक आर्थिक परिवर्तन का लाभ मिलने की उम्मीद है।

पहला विषय एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स एवं ईएसडीएम, स्पेशियलिटी केमिकल्स, रक्षा एवं एयरोस्पेस तथा सेमीकंडक्टर्स शामिल हैं। दूसरा विषय एनर्जी ट्रांजिशन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर है, जिसमें बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम, इलेक्ट्रिक वाहन इकोसिस्टम, पावर ट्रांसमिशन, ट्रांसफॉर्मर्स, ग्रिड मॉडर्नाइजेशन और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। तीसरा विषय इमर्जिंग एनेबलर्स है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एवं रोबोटिक्स, डिजिटल हेल्थकेयर डायग्नोस्टिक्स, बायो-मैन्युफैक्चरिंग और रेयर अर्थ सप्लाई चेन शामिल हैं।

ये सभी क्षेत्र उन व्यवसायों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिन्हें नीतिगत समर्थन, घरेलू विनिर्माण में वृद्धि, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के विविधीकरण और तेजी से बढ़ते प्रौद्योगिकी अपनाने का लाभ मिल रहा है।

पारंपरिक सूचीबद्ध इक्विटी फंडों के विपरीत, COF II को प्री-आईपीओ और ग्रोथ-स्टेज कंपनियों के लिए तैयार किया गया है। इस चरण में कंपनियां आमतौर पर व्यावसायिक स्तर पर स्थापित हो चुकी होती हैं, लेकिन अभी सार्वजनिक बाजारों में सूचीबद्ध नहीं होतीं, जहां आईपीओ के बाद अक्सर उनके मूल्यांकन में बदलाव होता है।

Chanakya Opportunities Fund I एवं II की फंड मैनेजर तथा Steptrade Capital की निदेशक सीए क्रेशा गुप्ता ने कहा, “भारत की अगली पीढ़ी की सूचीबद्ध कंपनियां स्टॉक एक्सचेंज तक पहुंचने से काफी पहले तैयार हो रही हैं। हमारी पहली क्लोजिंग को मिला सकारात्मक प्रतिसाद इस बात का संकेत है कि निवेशकों का विश्वास बढ़ रहा है कि प्री-आईपीओ चरण दीर्घकालिक संपत्ति सृजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। हमारा ध्यान ऐसे व्यवसायों की पहचान करने पर है, जो विनिर्माण, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में हो रहे संरचनात्मक बदलावों का लाभ उठा रहे हैं, इससे पहले कि वे व्यापक रूप से निवेशकों के लिए उपलब्ध हों।”

Chanakya Opportunities Fund II के फंड मैनेजर सीए अक्षय दावरा ने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में निजी बाजारों में उल्लेखनीय बदलाव आया है। निवेशक अब कंपनियों के सार्वजनिक होने के बाद नहीं, बल्कि उनके विकास चरण के दौरान संस्थागत पहुंच चाहते हैं। हमारी निवेश रणनीति मजबूत बुनियादी आधार वाली उन कंपनियों की पहचान पर केंद्रित है, जिनमें आने वाले वर्षों में अपने क्षेत्र की अग्रणी कंपनी बनने की क्षमता है।”

Chanakya Opportunities Fund II कंपनी के पहले फंड के तहत स्थापित निवेश दर्शन को आगे बढ़ाता है, जिसका उद्देश्य उभरते क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले निजी बाजार निवेश अवसरों की पहचान करना था। Steptrade Capital के अनुसार, 500 करोड़ रुपये तक के संभावित कोष वाले इस फंड का लॉन्च पेशेवर रूप से प्रबंधित प्री-आईपीओ निवेश रणनीतियों की बढ़ती मांग को दर्शाता है।

उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि चयनित प्री-आईपीओ निवेश अवसरों तक पहुंच अभी भी सीमित है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जो भारत के विनिर्माण विस्तार, ऊर्जा परिवर्तन और डीप टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम से लाभान्वित हो रहे हैं। जैसे-जैसे निजी बाजारों में संस्थागत भागीदारी बढ़ रही है, प्री-आईपीओ परिसंपत्तियों में निवेश अब अवसरवादी निवेश के बजाय दीर्घकालिक निवेश पोर्टफोलियो का एक रणनीतिक हिस्सा बनता जा रहा है।

तीन महीनों के भीतर 100 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश प्रतिबद्धताओं के साथ पहली क्लोजिंग पूरी करके Chanakya Opportunities Fund II ने अपने फंड जुटाने के सफर में एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक उपलब्धि हासिल की है और अब यह अपने 500 करोड़ रुपये के लक्ष्य कोष की दिशा में आगे बढ़ रहा है।



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