- 2027-29 के बीच 70.3 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं होंगी शुरू
- ईवी और निर्यात बढ़ने से उद्योग को मिलेगा सहारा
- ऑटो सेक्टर का क्रेडिट आउटलुक स्थिर रहने की उम्मीद
जयपुर | बिजनेस रेमेडीज | भारत के ऑटो और ऑटो कंपोनेंट्स सेक्टर में वित्त वर्ष 2027 के दौरान परिचालन राजस्व में करीब 8 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है। Brickwork Ratings की रिपोर्ट के अनुसार, सेक्टर नए निवेश चक्र में प्रवेश कर रहा है। वित्त वर्ष 2027 से वित्त वर्ष 2029 के बीच 703 अरब रुपये की परियोजनाओं के शुरू होने की योजना है। मजबूत घरेलू मांग, बढ़ते निर्यात, EV अपनाने की रफ्तार और सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं से उद्योग को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
4.76 ट्रिलियन रुपये की परियोजनाएं पाइपलाइन में
ऑटो सेक्टर में निवेश को 4.76 ट्रिलियन रुपये मूल्य की 184 परियोजनाओं से समर्थन मिल रहा है। इनमें से 70 परियोजनाएं पहले से ही कार्यान्वयन के चरण में हैं। नए निवेश से उत्पादन क्षमता बढ़ाने और तकनीकी विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
पीएलआई और फेम-III योजनाओं से बढ़ेगा निवेश
सेक्टर में निवेश की गति को Production Linked Incentive (PLI) योजना, FAME-III प्रोत्साहन और Original Equipment Manufacturers (OEMs) तथा Tier-I आपूर्तिकर्ताओं द्वारा क्षमता विस्तार से मजबूती मिल रही है।
ईबीआईटीडीए मार्जिन में सुधार का अनुमान
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 में ऑटो सेक्टर का EBITDA मार्जिन बढ़कर करीब 14 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2026 में लगभग 13 प्रतिशत था। बेहतर आय और मजबूत बैलेंस शीट से कंपनियों की वित्तीय स्थिति मजबूत रहने की उम्मीद है।
ईवी और निर्यात से मिलेगा दीर्घकालिक समर्थन
भारत में वित्त वर्ष 2026 में घरेलू वाहन बिक्री 30.2 मिलियन यूनिट और वाहन निर्यात 7.1 मिलियन यूनिट रहने का अनुमान है। इसी अवधि में EV की हिस्सेदारी बढ़कर 8.6 प्रतिशत पहुंचने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2020 में केवल 0.8 प्रतिशत थी। देश का 40,000 से अधिक कंपोनेंट निर्माताओं वाला सप्लायर नेटवर्क SUV मांग, EV विस्तार और निर्यात प्रतिस्पर्धा से लाभ उठा रहा है।

