Wednesday, February 18, 2026 |
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SpaceX ने xAI का अधिग्रहण कर अंतरिक्ष में कृत्रिम बुद्धिमत्ता डाटा सेंटर स्थापित करने की तैयारी की

by Business Remedies
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Elon Musk announcing SpaceX acquisition of xAI and plan for space based AI data centers

मुंबई,

अमेरिका के उद्यमी एलन मस्क ने घोषणा की है कि उनकी एयरोस्पेस कंपनी स्पेसएक्स ने उनकी ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता स्टार्टअप एक्सएआई का अधिग्रहण कर लिया है। इसके साथ ही उन्होंने अंतरिक्ष में बड़े उपग्रह समूह स्थापित कर उन्हें ऑर्बिटल डाटा सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना साझा की है, ताकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता की कंप्यूट क्षमता को बड़े स्तर पर बढ़ाया जा सके।

एलन मस्क ने एक बयान में कहा कि यदि प्रति वर्ष दस लाख टन उपग्रह प्रक्षेपित किए जाएं और प्रत्येक टन पर किलोवाट स्तर की कंप्यूट शक्ति उत्पन्न हो, तो हर वर्ष 100 गीगावाट कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंप्यूट क्षमता जोड़ी जा सकती है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी से 1 टेरावाट प्रति वर्ष तक प्रक्षेपण की दिशा में भी आगे बढ़ने का मार्ग मौजूद है। स्पेसएक्स के संस्थापक ने कहा कि अंतरिक्ष आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता ही दीर्घकालिक समाधान है, क्योंकि कक्षा में लगभग निरंतर सौर ऊर्जा उपलब्ध रहती है। उनका तर्क है कि इस ऊर्जा के माध्यम से धरती पर स्थित डाटा सेंटर की तुलना में कम लागत पर अधिक क्षमता प्राप्त की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि लागत में कमी से कंपनियों को अपने कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल के प्रशिक्षण और डाटा प्रसंस्करण को अभूतपूर्व गति और पैमाने पर आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी। मस्क ने यह भी कहा कि यदि सूर्य की ऊर्जा का केवल दस लाखवां हिस्सा भी उपयोग में लाया जाए, तो वह हमारी वर्तमान वैश्विक ऊर्जा खपत से दस लाख गुना अधिक होगा। ऐसे में संसाधन-प्रधान गतिविधियों को अंतरिक्ष में स्थानांतरित करना ही तार्किक समाधान है। मस्क के अनुसार, वर्तमान कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रगति बड़े स्थलीय डाटा सेंटर पर निर्भर है, जिन्हें भारी मात्रा में बिजली और शीतलन की आवश्यकता होती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वैश्विक स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए बिजली की मांग बढ़ती रही, तो केवल स्थलीय समाधान पर्याप्त नहीं होंगे और इससे समुदायों तथा पर्यावरण पर दबाव बढ़ सकता है।

उन्होंने जानकारी दी कि स्पेसएक्स का स्टारशिप रॉकेट वर्ष 2026 से अधिक शक्तिशाली वी3 स्टारलिंक उपग्रहों को कक्षा में पहुंचाना शुरू करेगा। प्रत्येक प्रक्षेपण वर्तमान फाल्कन रॉकेट द्वारा भेजे जा रहे वी2 स्टारलिंक उपग्रहों की तुलना में 20 गुना अधिक क्षमता जोड़ेगा। योजना के अनुसार, भविष्य में प्रति घंटे एक प्रक्षेपण संभव होगा, जिसमें प्रत्येक उड़ान में 200 टन तक भार ले जाया जा सकेगा और अंततः लाखों टन सामग्री कक्षा में स्थापित की जा सकेगी। मस्क ने यह भी कहा कि स्टारशिप अगली पीढ़ी के डायरेक्ट-टू-मोबाइल उपग्रहों को भी प्रक्षेपित करेगा, जिससे पृथ्वी के हर हिस्से में पूर्ण सेलुलर कवरेज उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।



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