बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली
Shree Cement ने मैनुफैक्चरिंग इन्क्युबेशन को सशक्त बनाने और बढ़ावा देने के लिए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत डिपार्टमेन्ट फॉर प्रोमोशन ऑफ इंडस्ट्री एण्ड इंटरनल ट्रेड (डीपीआईआईटी) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य प्रोडक्ट स्टार्ट-अप्स, इनोवेटर्स एवं उद्यमितों को प्रोत्साहित कर भारत के मैनुफैक्चरिंग सिसटम को समर्थन प्रदान करना और इसे सशक्त बनाना है।
हस्ताक्षर समारोह के दौरान नीरज अखौरी, मैनेजिंग डायरेक्टर, सीमेंट; सुमीत जरंगल, डायरेक्टर, डीपीआईआईटी और संजीव सिंह, संयुक्त सचिव, डीपीआईआईटी, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय मौजूद रहे। यह समझौता ज्ञापन भारत के मैनुफैक्चरिंग सिस्टम को सशक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कदम है। इस साझेदारी के माध्यम से सीमेंट ने प्रोडक्ट स्टार्टअप्स को बुनियादी सुविधाएं, सहयोग प्रदान करने, उनके लिए फंडिंग को सुगम बनाने, उन्हें मार्केट के साथ जोडऩे तथा प्रोटोटाईप विकास से लेकर भावी इंटरनेशनल विस्तार तक के लिए मार्गदर्शन प्रदान करने का लक्ष्य रखा है।
इस साझेदारी पर नीरज अखौरी, मैनेजिंग डायरेक्टर, सीमेंट लिमिटेड ने कहा, कि डीपीआईआईटी के साथ हमारी साझेदारी मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में इनोवेशन को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हमारा मानना है कि यह साझेदारी घरेलू निर्माण के माध्यम से आयात के विकल्प लाकर आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। स्टार्ट-अप्स को सशक्त बनाकर हम ऐसी मजबूत एवं प्रतिस्पर्धी प्रणाली का निर्माण करना चाहते हैं जो भारत के आर्थिक विकास और प्रगति को गति प्रदान कर सके। सुमीत जरंगल, डायरेक्टर डीपीआईआईटी ने इस अवसर पर कहा कि सीमें और डीपीआईआईटी के बीच यह साझेदारी शुरूआती अवस्था के मैनुफैक्चरिंग स्टार्ट-अप्स के लिए उज्जवल भविष्य की नींव तैयार करेगी, यह भारत को सीमेंट सेक्टर में मैनुफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में मजबूत कदम है। उम्मीद करते हैं कि आने वाले सालों में भी हम इसी तरह सीमेंट के साथ काम करते रहेंगे।
यह समझौता ज्ञापन निजी सेक्टर की साझेदारी के माध्यम से मैनुफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के साझा लक्ष्य को दर्शाता है। निजी सेक्टर, स्टार्टअप्स को जरूरी फंडिंग, आधुनिक बुनियादी सुविधाएं, आर एण्ड डी सुविधाएं और मार्गदर्शन प्रदान कर उनके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है- ये सभी प्रयास भारत के मैनुफैक्चरिंग क्षेत्र में इनोवेशन और प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करते हैं। यह साझेदारी शुरूआत अवस्था के मैनुफैक्चरिंग स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने के डीपीआईआईटी के प्रयासों के अनुरूप है। कॉर्पोरेट्स, इन्क्यूबेटर्स और उद्योग जगत के लीडर्स के साथ मिलकर काम करते हुए डीपीआईआईटी और सीमेंट ने ऐसे भविष्य का मार्ग प्रशस्त किया है जहां भारतीय स्टार्टअप्स इनोवेशन एवं स्थायी प्रथाओं में विश्वस्तर पर नेतृत्व कर सकते हैं।

