बिजऩेस रेमेडीज/ कर्नाटक/ सक्सेना के पास सीमेंट उद्योग में काम करने का 34 सालों से अधिक का अनुभव है, वे ऑपरेशन्स, प्रोजेक्ट मैनेजमेन्ट एवं सस्टेनेबिलिटी में विशेषज्ञ रहे हैं। Shree Cement के साथ अपनी पिछली भूमिका में व्यावर, रास एवं नवलगढ़ में परिचालन का नेतृत्व करते हुए उन्होंने उत्पादकता में सुधार लाने तथा परिचालन की लागत को कम करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने बड़े पैमाने की युनिट्स की शुरूआत तथा ऑटोमेशन एवं सस्टेनेबिलिटी-उन्मुख इनोवेशन्स को लागू करने में भी मुख्य भूमिका निभाई है, जिससे उत्पादकता एवं परिचालन की दक्षता बढ़ी है।
Shree Cement में सक्सेना को मल्टी-प्लांट ऑपरेशन्स के नेतृत्व, क्रॉस-फंक्शनल टीमों के प्रबन्धन तथा आधुनिक तकनीक से युक्त बड़े पैमाने के समाधानों के ज़रिए इंजीनियरिंग की मुश्किल चुनौतियों को हल करने के लिए जाना जाता है। सस्टेनेबल मैनुफैक्चरिंग एवं ईएसजी मानकों के प्रति जुनून के साथ वे संगठन में अग्रगामी पहलों को प्रेरित करते रहे हैं। नवलगढ़ प्लांट में इस नई भूमिका के बारे में बात करते हुए विनय सक्सेना ने कहा‘‘इस नई जि़म्मेदारी को लेकर मैं बेहद उत्सुक हूं, खासतौर पर ऐसे समय में जब सीमेंट उद्योग बड़े बदलाव के दौर से गुजऱ रहा है। मैं श्री सीमेंट की इनोवेशन, संचालन उत्कृष्टता एवं स्थायी विकास की सतत यात्रा में योगदान देने के लिए तत्पर हूं।’’ राजस्थान में Shree Cement का नवलगढ़ प्लांट आधुनिक इंजीनियरिंग एवं सस्टेनेबिलिटी का प्रदर्शन करता है। दिसम्बर 2023 में शुरू हुए इस प्लांट में भारत की सबसे बड़ी ओके0 मिल और दुनिया की सबसे बड़ी पायरो लाईन है, जो 13500 टन प्रतिदिन से अधिक पर संचालन करते हुए सीमेंट सेक्टर में बेंचमार्क स्थापित करती है। प्लांट में आधुनिक वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम, लो एनओएक्स कैल्सीनेशन, ऑल्टरनेटिव फ्यूल इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऑटोमेटेड क्वालिटी कंट्रोल लैब्स हैं। ये सभी फीचर्स इस तरह से डिज़ाइन किए गए हैं कि ये दक्षता बढ़ाते हुए पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव को सुनिश्चित करते हैं। डिजिटलीकरण को बढ़ावा देते हुए इस युनिट में परिचालन को अनुकूलित करने के लिए रियल-टाईम डेटा एनालिटिक्स का उपयोग किया जाता है। प्लांट ने भारत में ग्रीन सीमेंट उत्पादन और ऊर्जा दक्षता में नए बेंचमार्क स्थापित किए हैं। Shree Cement एक मजबूत लीडरशिप टीम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जो दक्षता, स्थायित्व एवं सामुदायिक प्रभाव के मूल्यों को बनाए रखते हुए संगठन की विकास योजनाओं को गति प्रदान करते रहें।

