बिजऩेस रेमेडीज/गुरूग्राम भारत के प्रमुख सीमेंट निर्माताओं में से एक, Shree Cement ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देश के वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की अपने ष्टस्क्र पहल के तहत ‘ Project Naman– ए सल्यूट टू मार्टियर्स’ के माध्यम से।
देश सेवा के प्रति Shree Cement की प्रतिबद्धता को दर्शाने वाला यह प्रोजेक्ट कंपनी के चेयरमैन श्री एच.एम. बंगुर द्वारा शुरु किया गया है। ‘प्रोजेक्ट नमन’ एक विशेष पहल है जिसके अंतर्गत सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों के उन शहीदों के परिवारों को नि:शुल्क सीमेंट उपलब्ध कराया जाता है, जिन्होंने राष्ट्र सेवा में अपने प्राणों की आहुति दी ताकि वे एक सुरक्षित और सम्मान जनक भविष्य का निर्माण कर सकें। इस पहल की नींव एक सरल लेकिन गहरी सोच पर आधारित है ऐसे परिवारों के लिए क्या किया जाए जो देश के लिए सब कुछ खो चुके हैं और इसका उत्तर था उन्हें मजबूत घर बनाने में मदद की जाए।
इस अवसर पर नीरज अखौरी, प्रबंध निदेशक, सीमेंट ने कहा कि एक घर केवल आश्रय नहीं होता बल्कि यह गरिमा सुरक्षा और मानसिक शांति की नींव होता है। प्रोजेक्ट नमन हमारे उन बहादुरों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक छोटा सा प्रयास है जिन्होंने देश के लिए सब कुछ कुर्बान कर दिया। आज कारगिल विजय दिवस पर हम शहीदों के परिवारों के साथ खड़े हैं। वे हमारी स्मृतियों में हमेशा जीवित रहेंगे और हम उन्हें अपनी ओर से यथासंभव सहयोग देना चाहते हैं। यह प्रोजेक्ट अक्टूबर 2020 में रक्षा मंत्रालय और केंद्रीय सैनिक बोर्ड के सहयोग से औपचारिक रूप से शुरू किया गया था। तब से यह पहल निरंतर आगे बढ़ रही है और इसका प्रभाव भी बढ़ता जा रहा है। जुलाई 2025 तक आर्मी, क्चस्स्न, ष्टक्रक्कस्न और असम राइफल्स के 183 परिवारों को इस योजना के तहत सहायता दी जा चुकी है और 79,000 से अधिक सीमेंट बैग्स वितरित किए गए हैं जो न केवल ईंट और गारे का काम कर रहे हैं बल्कि टूटे हुए सपनों को फिर से जोडऩे का माध्यम भी बन रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत 1 जनवरी 1999 से 1 जनवरी 2019 के बीच शहीद हुए जवानों के परिवारों को शामिल किया गया है यह समय सीमा इसलिए तय की गई है ताकि पुराने बलिदानों को भी भुलाया न जाए और उन्हें भी सम्मान के साथ याद किया जाए।
अब तक 266 परिवारों से आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से कई अब नए जीवन की शुरुआत कर चुके हैं। जब देश कारगिल और अन्य वीरों को याद कर रहा है श्री सीमेंट अपने उद्देश्य और सहानुभूति के साथ नेतृत्व करने के लिए प्रतिबद्ध है और श्रद्धांजलि को ठोस सहायता में बदलने का संकल्प ले रहा है।

