April 23,
गुरुवार को Stock Market में कमजोरी के साथ शुरुआत हुई, जहां Nifty 24,200 के स्तर के नीचे खुला और Sensex में करीब 700 अंकों की तेज गिरावट देखी गई। शुरुआती कारोबार में ही बाजार पर बिकवाली का दबाव हावी हो गया, जिससे निवेशकों की धारणा कमजोर नजर आई।
वैश्विक संकेतों और घरेलू बिकवाली का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और घरेलू स्तर पर मुनाफावसूली के चलते बाजार में गिरावट आई है। कई प्रमुख क्षेत्रों में दबाव देखने को मिला, जिससे व्यापक बाजार में नकारात्मक रुझान बना रहा। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाते हुए नए निवेश से बचते दिखे। कारोबार की शुरुआत में ही Sensex लाल निशान में फिसल गया और लगातार नीचे की ओर बना रहा। वहीं Nifty भी 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे बना रहा, जो बाजार के लिए एक कमजोर संकेत माना जा रहा है। बाजार में उतार-चढ़ाव अधिक रहने की संभावना जताई जा रही है।
इन शेयरों में दिखी मजबूती
गिरावट के माहौल के बीच कुछ कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। इनमें डॉक्टर रेड्डीज लैबोरेट्रीज, ओएनजीसी, जियो फाइनेंशियल, सिप्ला और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर शामिल रहे। इन कंपनियों ने बाजार को आंशिक सहारा दिया और निवेशकों की रुचि आकर्षित की। दूसरी ओर, इंटरग्लोब एविएशन, अल्ट्राटेक सीमेंट, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, एशियन पेंट्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इन कंपनियों में लगातार बिकवाली के कारण बाजार की समग्र दिशा कमजोर बनी रही।
निवेशकों के लिए रणनीति
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान स्थिति में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना चाहिए। बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत आधार वाली कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही, वैश्विक घटनाक्रम और आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखना जरूरी होगा। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, कच्चे तेल की कीमतों और आर्थिक नीतियों पर निर्भर करेगी। यदि वैश्विक स्तर पर स्थिरता आती है, तो बाजार में सुधार की संभावना बन सकती है, अन्यथा उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

