घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान हल्की कमजोरी देखने को मिली। BSE का Sensex लगभग 180 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि Nifty 23,350 के आसपास बना रहा। हालांकि व्यापक बाजार में स्थिति अपेक्षाकृत संतुलित रही और मिडकैप तथा स्मॉलकैप सूचकांकों में मामूली बढ़त दर्ज की गई। बाजार में आज चुनिंदा क्षेत्रों में खरीदारी का रुझान देखने को मिला, जबकि कुछ क्षेत्रों पर दबाव बना रहा। निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और घरेलू आर्थिक गतिविधियों पर बनी हुई है। शुरुआती सत्र में बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक सतर्क रुख अपनाते नजर आए। Nifty में सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में कोल इंडिया, अदाणी एंटरप्राइजेज, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन तथा अदाणी पोर्ट्स शामिल रहे। इन शेयरों में मजबूत खरीदारी के कारण बाजार को कुछ सहारा मिला।
वहीं दूसरी ओर इन्फोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, सिप्ला, आयशर मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। सूचना प्रौद्योगिकी और औषधि क्षेत्र के शेयरों में बिकवाली का असर प्रमुख सूचकांकों पर भी दिखाई दिया। व्यक्तिगत शेयरों की बात करें तो जेबीएम ऑटो के शेयर में लगभग 4 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली, जिससे यह निवेशकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा। दूसरी ओर राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर में लगभग 5प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते यह कमजोर प्रदर्शन करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहा।
क्षेत्रीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो औषधि, रियल एस्टेट और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के सूचकांकों में करीब 0.5 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इसके विपरीत तेल एवं गैस, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं, विद्युत, पूंजीगत वस्तुएं तथा दूरसंचार क्षेत्रों में लगभग 0.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है और निवेशक आगामी आर्थिक आंकड़ों तथा वैश्विक घटनाक्रमों का इंतजार कर रहे हैं। यदि सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो बाजार में खरीदारी का दायरा और बढ़ सकता है, जबकि नकारात्मक संकेतों की स्थिति में दबाव देखने को मिल सकता है।

