मंगलवार को stock market में कारोबार के दौरान कमजोरी का रुख देखने को मिला। शुरुआती सत्र में ही Sensex करीब 530 अंक गिरकर कारोबार करता दिखा, जबकि Nifty भी लगभग 22,800 के स्तर के आसपास बना रहा। बाजार में यह गिरावट व्यापक बिकवाली के कारण देखने को मिली, जिससे निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई है।
प्रमुख कंपनियों के शेयरों में दबाव
Nifty में शामिल कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। टाटा कंज्यूमर, इंटरग्लोब एविएशन, इटरनल, आइशर मोटर्स और मैक्स हेल्थकेयर जैसी कंपनियों के शेयर नुकसान में रहे। इन कंपनियों में बिकवाली का दबाव अधिक रहा, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर असर पड़ा। वहीं दूसरी ओर, हिंडाल्को और विप्रो जैसी कंपनियों के शेयरों में कुछ मजबूती देखने को मिली, जिससे बाजार को सीमित सहारा मिला। हालांकि यह बढ़त कुल मिलाकर बाजार की गिरावट को रोकने में पर्याप्त नहीं रही।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी
बाजार के व्यापक रुझान में भी गिरावट देखने को मिली। Nifty मिडकैप सूचकांक में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप सूचकांक में करीब 0.5 प्रतिशत की कमजोरी आई। इससे साफ संकेत मिलता है कि केवल बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि मध्यम और छोटी कंपनियों के शेयर भी दबाव में हैं। क्षेत्रवार सूचकांकों की बात करें तो अधिकांश सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। केवल सूचना प्रौद्योगिकी और धातु क्षेत्र में थोड़ी मजबूती रही, जबकि ऑटो, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक जैसे सेक्टरों में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं और निवेशकों की सतर्कता के कारण बाजार में यह दबाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत और घरेलू आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे।

