बुधवार को भारतीय share बाजार में तेज उतार-चढ़ाव के बीच कारोबार हुआ और दिन के दूसरे हिस्से में बिकवाली बढ़ने से प्रमुख सूचकांक Sensex और Nifty में बड़ी गिरावट देखने को मिली। Auto कंपनियों के shares में कमजोरी के कारण बाजार पर दबाव बना, जबकि ऊर्जा और बिजली क्षेत्र की कंपनियों ने कुछ मजबूती दिखाई। दोपहर करीब 2:46 बजे के आसपास Sensex लगभग 702 अंक की गिरावट के साथ 76,161 स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं Nifty भी 205 अंक फिसलकर 23,662 के स्तर पर पहुंच गया और दिन के दौरान यह 23,650 के नीचे भी चला गया। कारोबार के दौरान बाजार कई बार नीचे गया और फिर हल्की रिकवरी भी देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर निवेशकों की धारणा कमजोर रही।
बाजार में गिरावट का दायरा ज्यादा
बाजार के व्यापक रुझान पर नजर डालें तो गिरावट का असर अधिक कंपनियों पर दिखाई दिया। कारोबार के दौरान लगभग 1,636 कंपनियों के shares में बढ़त रही, जबकि करीब 2,227 कंपनियों के shares में गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा 133 कंपनियों के shares में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। इससे साफ है कि बाजार में बिकवाली का दबाव ज्यादा था। सेक्टर के आधार पर देखा जाए तो Auto क्षेत्र की कंपनियों के shares में सबसे ज्यादा दबाव रहा। इस क्षेत्र का सूचकांक लगभग 3 प्रतिशत गिर गया। इसके अलावा दैनिक उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़ी कंपनियों में भी कमजोरी रही और इस क्षेत्र का सूचकांक करीब 2 प्रतिशत नीचे आ गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्षेत्रों में मुनाफावसूली और निवेशकों की सतर्कता के कारण गिरावट देखी गई।
ऊर्जा और बिजली क्षेत्र में मजबूती
दूसरी ओर ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों के shares में खरीदारी देखने को मिली। इस क्षेत्र का सूचकांक करीब 2 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। बिजली और ऊर्जा से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की रुचि बनी रहने से बाजार में गिरावट के बीच भी इन shares को सहारा मिला। बाजार में अस्थिरता को दर्शाने वाला सूचकांक India VIX भी बढ़ गया। यह लगभग 2.52 प्रतिशत चढ़कर 21.59 के स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, यह संकेत देता है कि निवेशकों के बीच अनिश्चितता बढ़ रही है और आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
मध्यम और छोटी कंपनियों पर भी दबाव
मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ व्यापक बाजार में भी कमजोरी देखी गई। मध्यम आकार की कंपनियों और छोटी कंपनियों के shares से जुड़े सूचकांक भी गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। इससे यह संकेत मिलता है कि निवेशकों ने बड़े shares के साथ-साथ अन्य कंपनियों में भी सतर्क रुख अपनाया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक संकेत, निवेशकों की सावधानी और कुछ क्षेत्रों में मुनाफावसूली के कारण बाजार में दबाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाओं के आधार पर बाजार की दिशा तय हो सकती है।

