Sunday, July 26, 2026 |
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अमेरिका-चीन व्यापार घटकर वैश्विक व्यापार का लगभग 2 प्रतिशत

आर्थिक अलगाव गहराने के संकेत

by Business Remedies
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Declining trade between the US and China and global trade analysis

नई दिल्ली,

अमेरिका और चीन के बीच व्यापार में लगातार कमी देखने को मिल रही है और अब यह वैश्विक व्यापार का केवल लगभग 2 प्रतिशत रह गया है। एक नई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में यह हिस्सेदारी 2.7 प्रतिशत थी, जो अब और घट गई है। यह जानकारी DHL की ओर से जारी DHL Global Connectedness Report 2026 में सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक दूरी धीरे-धीरे बढ़ रही है, हालांकि इसके बावजूद वैश्विक स्तर पर आर्थिक जुड़ाव अभी भी मजबूत बना हुआ है। यह अध्ययन DHL और New York University Stern School of Business के सहयोग से तैयार किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, आयात शुल्क और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों में अनिश्चितता के बावजूद वैश्विक आर्थिक संबंध काफी हद तक स्थिर बने हुए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और चीन के बीच व्यापार वर्ष 2015 में अपने उच्चतम स्तर पर था, जब यह वैश्विक व्यापार का लगभग 3.6 प्रतिशत था। इसके बाद से यह हिस्सेदारी धीरे-धीरे कम होती गई। वर्ष 2024 में यह 2.7 प्रतिशत रह गई और वर्ष 2025 की पहली तीन तिमाहियों के दौरान यह घटकर लगभग 2 प्रतिशत पर आ गई। दोनों देशों के बीच सीमापार व्यापार निवेश की स्थिति इससे भी कमजोर है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक निवेश वैश्विक निवेश प्रवाह का 1 प्रतिशत से भी कम हिस्सा है। हालांकि वाशिंगटन और बीजिंग के बीच आर्थिक संबंध कमजोर हो रहे हैं, लेकिन रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि समग्र रूप से वैश्वीकरण की प्रक्रिया स्थिर बनी हुई है। वर्ष 2025 में वैश्विक आर्थिक जुड़ाव का स्तर लगभग 25 प्रतिशत रहा, जो वर्ष 2022 में दर्ज रिकॉर्ड स्तर के बराबर है। यह सूचकांक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार, पूंजी, सूचना और लोगों की आवाजाही को 0 से 100 के पैमाने पर मापता है, जिससे यह पता चलता है कि दुनिया की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे से कितनी जुड़ी हुई हैं।

DHL Express के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉन पियरसन ने कहा कि रिपोर्ट के निष्कर्ष यह दिखाते हैं कि अनिश्चित वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद देश और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय संबंध बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि गरीबी और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों का समाधान केवल सहयोग और वैश्विक सोच से ही संभव है। रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि वर्ष 2025 में वैश्विक व्यापार की वृद्धि दर वर्ष 2017 के बाद सबसे तेज रही। हालांकि इसमें Covid-19 pandemic के दौरान आए असामान्य उतार-चढ़ाव को शामिल नहीं किया गया है। इस वृद्धि का एक बड़ा कारण अमेरिका में संभावित आयात शुल्क बढ़ने से पहले माल की अग्रिम आपूर्ति रही। इसके साथ ही artificial intelligence से जुड़े उत्पादों की मांग में तेजी भी वैश्विक व्यापार वृद्धि का महत्वपूर्ण कारण बनी।

World Trade Organisation के अनुसार वर्ष 2025 की पहली तीन तिमाहियों में वैश्विक वस्तु व्यापार की वृद्धि में AI से जुड़े उत्पादों का योगदान लगभग 42 प्रतिशत रहा। आने वाले वर्षों को लेकर रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि वैश्विक व्यापार आगे भी बढ़ता रहेगा, हालांकि इसकी गति मध्यम रह सकती है। अनुमान है कि वर्ष 2029 तक वस्तुओं का वैश्विक व्यापार औसतन लगभग 2.6 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ सकता है, जो पिछले दशक की वृद्धि दर के करीब है। New York University Stern School of Business में वैश्वीकरण पहल के निदेशक स्टीवन ए. ऑल्टमैन ने कहा कि वैश्वीकरण को लेकर राजनीतिक बहस अक्सर वास्तविक आर्थिक आंकड़ों की तुलना में अधिक नाटकीय दिखाई देती है, जबकि वैश्विक व्यापार और निवेश के प्रवाह में बदलाव अपेक्षाकृत सीमित हैं।



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