बाजार में गिरावट
घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को दबाव देखने को मिला। BSE Sensex 307.24 अंक यानी 0.40 प्रतिशत गिरकर 76,957.27 पर बंद हुआ। वहीं NSE Nifty 95.25 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,080.40 पर बंद हुआ। सभी Nifty Sectoral Indices लाल निशान में रहे, जबकि Nifty Smallcap 100 और Nifty Midcap 100 Index करीब 1 प्रतिशत तक फिसल गए।
Crude Oil का असर
US-Iran के बीच बढ़े तनाव ने Global Energy Supply को लेकर चिंता बढ़ा दी। इसके चलते Brent Crude 2.33 प्रतिशत चढ़कर 90.19 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। महंगा कच्चा तेल भारत जैसे आयातक देशों के लिए महंगाई, चालू खाते और कंपनियों की लागत को लेकर चिंता पैदा करता है।
Fed और Rupee की चिंता
September में US Federal Reserve द्वारा Rate Hike की आशंका बढ़ने से US Treasury Yields में तेजी और डॉलर में मजबूती आई। इसका असर भारतीय Rupee पर भी दिखा, जो 13 पैसे टूटकर 95.56 प्रति US Dollar पर पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, ऊंची Bond Yields Equity Markets के लिए नकारात्मक संकेत मानी जाती हैं।
FII Selling और Global संकेत
Foreign Institutional Investors ने शुक्रवार को भारतीय शेयरों में 5,039.80 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। इसके साथ ही Japan का Nikkei, South Korea का Kospi, Shanghai Composite और Hong Kong का Hang Seng भी कमजोरी में रहे। US Markets भी शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए।
IT Shares में बिकवाली
IT Index करीब 2 प्रतिशत टूट गया, जबकि इससे पिछले सत्र में इसमें 3.5 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई थी। India VIX भी 5 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 11.19 पर पहुंच गया, जो बाजार में बढ़ती अनिश्चितता का संकेत है।
Technical Outlook
विशेषज्ञों के मुताबिक Nifty के लिए 24,000 अहम Support है। इसके नीचे निर्णायक बंद होने पर Index 23,900 से 23,800 के स्तर तक जा सकता है। ऊपर की ओर 24,200 Immediate Resistance और 24,300–24,400 बड़ा Resistance Zone माना जा रहा है।
निवेशकों को किसी भी निवेश निर्णय से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श करना चाहिए।

