सेमीकंडक्टर सेक्टर में भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है। चिप मैन्युफैक्चरिंग में अब दुनिया भारत की ओर देख रही है। देश में जिस तरह से सेमीकंडक्टर सेक्टर को बढ़ाया दिया जा रहा है, उसे देखकर दुनिया की सबसे बड़ी चिप निर्माता कंपनी ने भी भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है। सेमीकंडक्टर चिप बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी एनवीडिया ने भी भारत की प्रतिभा का लोहा माना है। इस कंपनी ने भारत के साथ मिलकर चिप बनाने की पेशकश की है। पिछले दिनों ही एनवीडिया ने भारत के साथ मिलकर एक चिप विकसित करने का प्रस्ताव दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी भारत की मजबूत सेमीकंडक्टर डिजाइन प्रतिभा का लाभ उठाना चाहती है। साथ ही वह इस बढ़ते बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है। एनवीडिया अभी दुनिया की दूसरी सबसे ज्यादा मूल्यवान कंपनी है। एप्पल पहले स्थान पर है। हालांकि दोनों कंपनियों में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है। जिस तरह से एनवीडिया की ग्रोथ बढ़ रही है, वह जल्दी ही एप्पल को पीछे छोड़ दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बन सकती है। भारत के साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव कंपनी के फाउंडर और सीईओ जेन्सन हुआंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया था। यह प्रस्ताव इन्होंने तब दिया था जब दोनों इस साल की शुरुआत में अमेरिका में मिले थे। हुआंग इस हफ्ते के अंत में भारत आ रहे हैं। कुछ अधिकारियों के मुताबिक एनवीडिया भारत के विशाल चिप डिजाइनिंग बेस का इस्तेमाल करना चाहती है। यह कंपनी भारत के लिए एक विशिष्ट चिप विकसित करना चाहती है। एक अधिकारी ने बताया कि सरकार इस मामले में अभी कुछ चीजों को लेकर विचार कर रही है। इस तरह मिलकर चिप बनाने से इसके कई लाभ हो सकते है। जैसे रेलवे में सुरक्षा प्रणाली कवच में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही भारतीय स्टार्टअप, कंपनियां आदि के लिए भी यह चिप काफी कारगर साबित हो सकती है।

