बिजनेस रेमेडीज/मुंबई (आईएएनएस) | भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के प्रबंध निदेशक सत पाल भानु को निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) के वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों का प्रभार सौंपा गया है। यह निर्णय वर्तमान सीईओ सिद्धार्थ मोहंती का कार्यकाल 7 जून को समाप्त होने के बाद लिया गया। एलआईसी द्वारा रविवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई।

Sat Pal Bhanu appointed as MD and CEO of LIC
बयान में कहा गया, “एलआईसी के प्रबंध निदेशक सत पाल भानु को 8 जून 2025 से 7 सितंबर 2025 तक, या नियमित अधिकारी द्वारा पदभार ग्रहण करने तक, या अगले आदेश तक (जो भी पहले हो) एलआईसी के सीईओ और एमडी के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार और कार्य सौंपे गए हैं।” यह व्यवस्था वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग द्वारा 7 जून को जारी पत्र के अनुसार की गई है। एलआईसी इस समय नेतृत्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। 1 जून से रत्नाकर पटनायक और दिनेश पंत को दो नए प्रबंध निदेशकों के रूप में नियुक्त किया गया है, जो पूर्व अधिकारियों के स्थान पर शामिल हुए हैं। यह एलआईसी के शीर्ष प्रबंधन में व्यापक फेरबदल का हिस्सा है। पंत, जो पहले एलआईसी में कार्यकारी निदेशक थे, को मई 2027 तक के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया है। वहीं, पटनायक, जो एलआईसी के मुख्य निवेश अधिकारी थे, उन्हें मार्च 2028 तक के लिए नियुक्त किया गया है। एलआईसी ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए रूपये 48,151 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जबकि पिछले वर्ष यह रूपये 40,676 करोड़ था, यानी 18.38 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। निदेशक मंडल ने रूपये 12 प्रति शेयर के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है, जिसे शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन रखा गया है। देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 में कुल रूपये 2,26,669.91 करोड़ का नया प्रीमियम दर्ज किया है, जिसमें से रूपये 62,404.58 करोड़ व्यक्तिगत नए व्यवसाय से प्राप्त हुआ है – जो एक रिकॉर्ड है। वित्त वर्ष 2024-25 में व्यक्तिगत नए व्यवसाय के प्रीमियम में साल-दर-साल आधार पर 8.35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि समूह प्रीमियम में मामूली 0.40 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो पिछले वर्ष के रूपये 1,64,925.89 करोड़ से घटकर रूपये 1,64,265.34 करोड़ रहा। एलआईसी ने स्नङ्घ 25 में कुल 1.78 करोड़ नई पॉलिसियाँ बेचीं, जबकि 1 अक्टूबर 2024 से नए सरेंडर मूल्य नियम प्रभावी हुए थे।

