सियोल,
सैमसंग एसडीआई ने सोमवार को कहा कि वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में वह घाटे में रही। इसका मुख्य कारण अमेरिका में इलेक्ट्रिक वाहनों की कमजोर मांग रही, हालांकि ऊर्जा भंडारण प्रणाली कारोबार के बेहतर प्रदर्शन से नुकसान कुछ हद तक सीमित हुआ।
कंपनी की नियामकीय फाइलिंग के अनुसार अक्टूबर-दिसंबर अवधि में शुद्ध लाभ 207.8 अरब वॉन रहा, जबकि वर्ष 2024 की समान अवधि में 242.7 अरब वॉन का शुद्ध घाटा दर्ज किया गया था। चौथी तिमाही में परिचालन घाटा 299.2 अरब वॉन रहा, जो एक वर्ष पहले 256.7 अरब वॉन था। इस दौरान बिक्री 2.8 प्रतिशत बढ़कर 3.85 लाख करोड़ वॉन हो गई। क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार बैटरी कारोबार में 338.5 अरब वॉन का परिचालन घाटा हुआ, जबकि इलेक्ट्रॉनिक मटेरियल क्षेत्र में 39.3 अरब वॉन का परिचालन लाभ दर्ज किया गया।
बैटरी श्रेणी में कंपनी ने बताया कि ईएसएस कारोबार ने तिमाही आधार पर अब तक का सर्वाधिक राजस्व दर्ज किया। साथ ही अमेरिका के एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्शन क्रेडिट से मिले लाभ के कारण घाटे में कमी आई। पूरे वर्ष 2025 में कंपनी को 584.9 अरब वॉन का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि एक वर्ष पहले 575.5 अरब वॉन का शुद्ध लाभ था। वार्षिक आधार पर कंपनी का परिचालन घाटा 1.72 लाख करोड़ वॉन रहा, जबकि पिछले वर्ष 363.3 अरब वॉन का लाभ था। सालाना बिक्री 20 प्रतिशत घटकर 13.26 लाख करोड़ वॉन रह गई। कंपनी ने बयान में कहा कि पिछले वर्ष प्रमुख बाजारों में नीतिगत बदलाव और अमेरिका के रणनीतिक ग्राहकों से इलेक्ट्रिक वाहनों की कमजोर मांग के बावजूद उसने ईएसएस बाजार में विदेशी बिक्री गतिविधियां मजबूत कर वैश्विक ग्राहकों से महत्वपूर्ण ऑर्डर प्राप्त किए।
सैमसंग एसडीआई ने बताया कि उसने तकनीकी प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए जर्मनी की बीएमडब्ल्यू एजी के साथ मिलकर ऑल-सॉलिड-स्टेट बैटरी तकनीक का सत्यापन किया। इसके अलावा ह्युंडई मोटर समूह के साथ रोबोट के लिए बैटरी विकसित करने का समझौता भी किया गया। आगे की संभावनाओं पर कंपनी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उद्योग की मजबूत मांग के चलते ईएसएस बाजार में निरंतर वृद्धि की उम्मीद है। छोटे बैटरी बाजार में भी सुधार की संभावना है, क्योंकि एआई डाटा सेंटर के निर्माण में तेजी आ रही है और रोबोटिक्स जैसे नए क्षेत्रों में मांग बढ़ने की संभावना है। कंपनी ने कहा कि प्रबंधन दक्षता सुधारने, ग्राहकों और बाजार के प्रति तेज प्रतिक्रिया देने तथा भविष्य की तकनीकों की तैयारी जारी रखते हुए वर्ष 2026 को पूर्ण कारोबार सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण मोड़ बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

