Thursday, February 19, 2026 |
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Budget 2026-27 में infrastructure और रक्षा क्षेत्र पर ज्यादा खर्च, लेकिन बाजार को तुरंत फायदा नहीं

by Business Remedies
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Finance Minister presenting Budget 2026-27 with focus on capital expenditure and fiscal discipline

नई दिल्ली,

Budget 2026-27 को लेकर जारी एक रिपोर्ट में इसे व्यावहारिक और संतुलित बताया गया है, जिसमें किसी प्रकार के तात्कालिक आकर्षण या तेज़ी पैदा करने वाले कदमों की बजाय मध्यम अवधि की स्थिर आर्थिक वृद्धि की नींव रखने पर ध्यान दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार यह बजट शेयर बाजार के लिए तुरंत बड़े संकेत देने वाला नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक संरचनात्मक मजबूती पर केंद्रित है। Global Brokerage Jefferies India ने अपनी रिपोर्ट में पूंजीगत व्यय पर दोबारा जोर दिए जाने की सराहना की है। विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र में आवंटन बढ़ाया गया है, जो अपेक्षाकृत धीमी राजकोषीय समेकन नीति के कारण संभव हो पाया। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने बुनियादी ढांचे और सामरिक क्षेत्रों को मजबूत करने की स्पष्ट रणनीति अपनाई है।

रिपोर्ट के अनुसार डाटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स घटक निर्माण को दिया गया समर्थन यह दर्शाता है कि सरकार घरेलू प्रौद्योगिकी और विनिर्माण तंत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना के तहत अधिक आवंटन से इस क्षेत्र को बढ़ावा मिलने की संभावना है। साथ ही निर्यात प्रतिस्पर्धा को दीर्घकाल में मजबूत करना भी सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। Jefferies ने यह भी संकेत दिया कि बॉन्ड प्रतिफल में वृद्धि ब्याज दर संवेदनशील क्षेत्रों पर दबाव डाल सकती है। प्रतिभूति लेनदेन कर में बढ़ोतरी को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार अत्यधिक डेरिवेटिव कारोबार को लेकर सहज नहीं है। इसका असर पूंजी बाजार से जुड़ी कंपनियों और ब्रोकरेज फर्मों पर नकारात्मक पड़ सकता है।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि अधिक अवसंरचना पूंजीगत व्यय के कारण सीमेंट और रक्षा क्षेत्र की कंपनियों को लाभ मिल सकता है। इसके अलावा डाटा सेंटर से जुड़े प्रोत्साहनों और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने वाले कदमों से चुनिंदा रियल एस्टेट और डिजिटल भुगतान कंपनियों को भी फायदा हो सकता है। रिपोर्ट में बड़े विनिवेश लक्ष्य का भी उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार IDBI Bank के विनिवेश की प्रक्रिया वित्त वर्ष 2027 तक पूरी की जा सकती है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Budget 2026-27 पेश करते हुए कुल व्यय Rs.53.47 लाख करोड़ निर्धारित किया है। राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद के 4.3 प्रतिशत पर लक्ष्यित किया गया है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान 4.4 प्रतिशत से बेहतर है। पूंजीगत व्यय में 9 प्रतिशत की वृद्धि कर इसे Rs.12.2 लाख करोड़ तक पहुंचाया गया है, जो हाल के वर्षों में सबसे बड़े आवंटनों में से एक है और यह सकल घरेलू उत्पाद के 4.4 प्रतिशत के बराबर है। रक्षा क्षेत्र को कुल .Rs.7.85 लाख करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिनमें से Rs.2.31 लाख करोड़ पूंजीगत खर्च के लिए निर्धारित हैं।



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