बिजनेस रेमेडीज/ नई दिल्ली । भारत के अग्रणी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड सैमसंग ने अपनी एक बड़ी सीएसआर पहल – ‘Solve For Tomorrow’ के लिए 100 टीमों को शॉर्टलिस्ट करने की घोषणा की है। यह पहल देशभर में नए-नए आविष्कार करने के सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई है। इस शॉर्टलिस्ट में ‘स्कूल’ और ‘यूथ’ ट्रैक से 50-50 टीमें शामिल हैं जो अब राष्ट्रीय शिक्षा और नवाचार प्रतियोगिता में आगे प्रतिस्पर्धा करेंगी।
इस वर्ष शॉर्टलिस्टिंग क्षेत्रीय स्तर पर की गई है। इससे इस प्रतियोगिता को देश के सुदूर इलाकों जैसे कि ओडिशा कचर में खुर्दा और असम में कामरूप ग्रामीण और गुजरात में अमरेली में रहने वाले भारतीय इनोवेटर्स की अगली पीढ़ी तक पहुंचने में मदद मिल सके। यूथ ट्रैक में ‘पर्यावरण और स्थिरता’ विषय को कवर करने वाले टॉप 50 आइडियाज़ न केवल गैर- परंपरागत हैं, बल्कि इन्हें भविष्य को ध्यान रखकर लाया गया है। वनों की कटाई, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, समुद्री प्रदूषण, कार्बन उत्सर्जन, अनसस्टेनेबल पैकेजिंग और खराब जल प्रबंधन जैसे मुद्दे युवाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषय के रूप में सामने आए हैं।
दूसरी ओर, ‘स्कूल’ ट्रैक ने ‘समुदाय और समावेशन ’थीम के तहत अपने विचार पेश किए हैं। उनके विचार स्कूली छात्रों में मानसिक बीमारी, LGBTQ समुदाय के लिए समावेशी माहौल की कमी, समाज के आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों में डिजिटल साक्षरता की खराब स्थिति और नौकरी के लिए तैयार होने के लिए एकेडेमिक शिक्षा और तकनीकी कौशल के बीच मौजूदा अंतर जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधानों पर केंद्रित हैं।
100 टीमों का प्रतिनिधित्व करने वाले कुल 232 प्रतिभागी अब ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो’ प्रतियोगिता के अगले चरण के लिए तैयार होंगे। यहां उन्हें विशेषज्ञ प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के जरिए प्रजेंटेशन और असरदार ढंग से बात करने के कौशल से लैस किया जाएगा। इससे उन्हें जुलाई के मध्य में शुरू होने वाले रीजनल राउंड की तैयारी में मदद मिलेगी।
Samsung Southwest Asia के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट एसपी चुन ने कहा “सैमसंग का मानना है कि हमारे युवाओं में सकारात्मक सामाजिक बदलाव लाने की अपार शक्ति और क्षमता है। हमारे प्रमुख सीएसआर कार्यक्रम ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो’ ने इस साल पहली बार स्कूली छात्रों के लिए उनके खास कौशल और विचारों को ध्यान में रखते हुए एक नई कैटेगरी बनाई है। विचारों की गुणवत्ता में सुधार उनकी रचनात्मकता और नई सोच का प्रमाण है। इस साल पहली बार, हमने पांच क्षेत्रों – उत्तर, दक्षिण, पश्चिम, पूर्व और उत्तर-पूर्व के सुदूर इलाकों में भी जाने का फैसला किया है, इससे देश के दूरदराज के क्षेत्रों से भी भागीदारी बढ़ेगी। हमें कुछ बहुत ही अच्छी तरह से व्यक्त किए गए विचार मिले हैं, और युवाओं से इस तरह की प्रस्तुतियां और विचारों की स्पष्टता देखना अविश्वसनीय रूप से प्रेरणादायक है।”
आईआईटी-दिल्ली के एफआईटीटी के एमडी प्रो. प्रीति रंजन पांडा ने कहा, “सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो इस साल पर्यावरण,समुदाय और समावेशन जैसे विषयों को सपोर्ट करने का उद्देश्य लेकर चल रहा है। अलग-अलग ट्रैक – यूथ और स्कूल – ने सभी प्रतिस्पर्धी टीमों को समान अवसर और एक समान मंच दिया है। देश भर के युवा दिमागों से इस तरह के विचारोत्तेजक विचारों को आते देखना एक शानदार अनुभव है। सैमसंग के साथ मिलकर, हमारा प्रयास अगली पीढ़ी में समस्या-समाधान की मानसिकता को प्रोत्साहित करना है जो देश में स्टार्ट-अप के क्षेत्र को बेहतर बनाने में उत्प्रेरक का काम करेगी”।
अगले चरण में पांच क्षेत्रों – उत्तर, पूर्व, पश्चिम, दक्षिण और उत्तर-पूर्व – से दो टीमों का चयन किया जाएगा, जिससे 20 टीमों का राष्ट्रीय पूल बनेगा। इसमें से टॉप 20 टीमों को अपने तकनीकी और सॉफ्ट कौशल को बेहतर बनाने के लिए सैमसंग और उद्योग विशेषज्ञों द्वारा कठोर मेंटरशिप कार्यक्रमों के साथ-साथ प्रशिक्षण की एक गहन प्रक्रिया से गुजरना होगा। ये टीमें गुरुग्राम में सैमसंग क्षेत्रीय मुख्यालय और भारत भर में सैमसंग के आरएंडडी सेंटर्स पर ‘इनोवेशन वॉक’ में भी भाग लेंगी।
सॉल्व फॉर टुमॉरो 2024 ट्रैक की विस्तृत जानकारी:
इस वर्ष, ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो’ कार्यक्रम में दो अलग-अलग ट्रैक पेश किए गए – स्कूल ट्रैक और यूथ ट्रैक, जिनमें से प्रत्येक एक खास थीम को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित है और अलग-अलग आयु वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया है। दोनों ट्रैक एक साथ चलते हैं, जिससे सभी छात्रों के लिए समान अवसर और एक समान मंच मिलता है।
स्कूल ट्रैक: स्कूल ट्रैक 14-17 वर्ष की आयु के छात्रों के लिए बनाया गया है, जिसका थीम “समुदाय और समावेशन” है। विजेता टीम को सॉल्व फॉर टुमॉरो 2024 का “कम्युनिटी चैंपियन” घोषित किया जाएगा और प्रोटोटाइप के विकास के लिए 25 लाख रुपये की सीड फंडिंग मिलेगी। विजेता टीमों के स्कूलों को शैक्षिक पेशकशों को बढ़ावा देने और समस्या-समाधान मानसिकता को प्रोत्साहित करने के लिए सैमसंग प्रोडक्ट भी मिलेंगे।
यूथ ट्रैक: युवा ट्रैक, 18-22 वर्ष की आयु के व्यक्तियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसका थीम “पर्यावरण और स्थिरता” है। विजेता टीम को सॉल्व फॉर टुमॉरो 2024 का “पर्यावरण चैंपियन” घोषित किया जाएगा और उसे आईआईटी-दिल्ली में इनक्यूबेशन के लिए 50 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। विजेता टीमों के कॉलेजों को सामाजिक उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए उनकी शैक्षणिक पेशकश को बढ़ावा देने के लिए सैमसंग प्रोडक्ट भी मिलेंगे।
Samsung India ने फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (एफआईटीटी),आईआईटी दिल्ली के साथ साझेदारी की है। तीसरे संस्करण के लिए रणनीतिक सहयोग में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय; मंथन, भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय और यूनाइडेट नेशंस इन इंडिया भी शामिल हैं।
2010 में पहली बार अमेरिका में शुरू किया गया, सॉल्व फॉर टुमॉरो वर्तमान में विश्व भर के 63 देशों में संचालित होता है और इसमें दुनिया भर के 2.3 मिलियन से अधिक युवा भाग ले चुके हैं।

