खाद्य तेल कीमतों पर नियंत्रण की कोशिश
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गुरुवार को घरेलू बाजार में खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए प्रमुख आयातित Crude Edible Oils पर Customs Duty में कटौती की घोषणा की है। यह कदम Global Market में बढ़ती Edible Oil कीमतों के कारण बढ़ रहे Import Cost और Inflationary Pressure को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
Sunflower Oil पर Duty हुई शून्य
नई Duty Structure के तहत Crude Sunflower Oil पर Basic Customs Duty (BCD) को 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है। वहीं Crude Soybean Oil और Crude Palm Oil पर Import Duty को 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से आयात लागत कम होने और इसका लाभ ग्राहकों तक पहुंचने की उम्मीद है।
Refined Oil पर भी बदला शुल्क ढांचा
सरकार ने Refined Edible Oils पर लागू Customs Duty में भी कटौती की है। हालांकि, Crude और Refined Oils के बीच 19.25 प्रतिशत का Duty Difference बनाए रखा गया है। इसका उद्देश्य Domestic Refining Industry को संरक्षण देना और देश में Value Addition को बढ़ावा देना है।
Inflation कम करने की दिशा में कदम
भारत अपनी कुल Edible Oil जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा Import के जरिए पूरा करता है। ऐसे में Import Duty घरेलू बाजार में तेल की कीमतों को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण कारक है। सरकार का मानना है कि Duty Reduction से Import Cost घटेगी और Supply Chain के माध्यम से इसका फायदा आम उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा।
Industry को लाभ पहुंचाने की अपील
सरकार ने Edible Oil Associations और Industry Stakeholders को Advisory जारी करते हुए कहा है कि कम Import Duty का लाभ बिना देरी किए ग्राहकों तक पहुंचाया जाए। इस फैसले का उद्देश्य Household Budget पर दबाव कम करना और Food Inflation को नियंत्रित करने के प्रयासों को मजबूती देना है।

