मुंबई, अक्टूबर, 2026: अभिनेता गुलशन देवैया और रसिका दुग्गल की पारिवारिक फिल्म ‘Little Thomas‘ इन दिनों सिनेमाघरों में चल रही है। यह फिल्म एक खास रचनात्मक संगम के लिए चर्चा में है, क्योंकि इसमें तीन अलग-अलग राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेताओं ने एक साथ काम किया है।
फिल्म के लेखक और निर्देशक कौशल ओझा अपनी चर्चित शॉर्ट फिल्मों वैष्णव जन तो और आफ्टरग्लो के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके हैं। इस प्रोजेक्ट को शुरुआती गति तब मिली, जब निर्माता रंजन सिंह इससे जुड़े। सिंह के प्रोड्यूसर के तौर पर किए गए कामों में मसान, क्वीन, एनएच10 और उड़ता पंजाब जैसी चर्चित फिल्में शामिल हैं। उन्हें फिल्म की स्क्रिप्ट पसंद आई और वे इसे फिल्ममेकर अनुराग कश्यप के पास लेकर गए। इस तरह कश्यप इस प्रोजेक्ट से जुड़ने वाले दूसरे राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता बने।
अनुराग कश्यप की फिल्मोग्राफी में गैंग्स ऑफ वासेपुर, अग्ली और देव डी जैसी फिल्में शामिल हैं। उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म मसान का सह-निर्माण भी किया था। कश्यप को ‘लिटिल थॉमस’ की कहानी में परिवार के रिश्तों और आपसी संबंधों पर आधारित एक आत्मीय, दिल को छू लेने वाली कहानी नजर आई।
फिल्म के संगीत के लिए सिंह और ओझा ऐसे संगीतकार की तलाश में थे, जो कहानी की खास गर्मजोशी और भावनात्मक गहराई को संगीत के जरिए पेश कर सके। इसके लिए उन्होंने टीम के तीसरे राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संगीतकार शैलेन्द्र बर्वे को शामिल किया, जिन्हें फिल्म संहिता के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
तारे जमीन पर के लोकप्रिय गीत ‘मेरा जहाँ’ जैसी यादगार धुनों से जुड़े बर्वे ने फिल्म के लिए एक ऐसा साउंडट्रैक तैयार किया, जिसमें ध्वनिक संगीत की सादगी, ताजगी और सुकून भरा एहसास है। फिल्म की कहानी 1990 के दशक के गोवा की पृष्ठभूमि में रची गई है और इसका संगीत उसी दौर के माहौल के अनुरूप तैयार किया गया है।
फिल्म में युवा कलाकार हृदांश पारेख भी अहम् भूमिका में नजर आते हैं। लिटिल थॉमस सात साल के एक बच्चे की मासूम कोशिशों की कहानी है, जो अपने परिवार को फिर से एकजुट करना चाहता है। इस फिल्म को ल्यूमिनोसो पिक्चर्स, सिविक स्टूडियोज, गुड बैड फिल्म्स और फ्लिप फिल्म्स ने मिलकर निर्मित किया है।

