जयपुर। छोटे साइज के साथ बड़ी साइज के आटोमोटिव कॉम्पोनेंट्स निर्माण में ‘Pritika Engineering Limited ‘ को सफलता मिल रही है। कंपनी ने सब्सिडियरी कंपनी मीता कंपोनेंट्स लिमिटेड के माध्यम से करने के लिए कंपनी द्वारा एनएसई इमर्ज प्लेटफार्म पर आईपीओ लाया गया था। अक्टूबर 2023 में नया प्लांट शुरू होने से प्रीतिका समूह की क्षमता 12000 टन से बढ़कर 24000 टन प्रतिवर्ष की हो गई है। आने वाले वर्षों में कंपनी प्रबंधन का लक्ष्य निर्माण क्षमता को बढ़ाकर 1 लाख टन करने का है। कंपनी ने 30 जून 2024 को समाप्त तिमाही में अच्छा वित्तीय प्रदर्शन किया है और कंपनी के निदेशक मंडल ने वर्तमान क्षमता को बढ़ाने और अन्य कारोबार में विस्तार करने के लिए 49.50 करोड़ रुपए जुटाने के प्रस्ताव को मान्य एवं स्वीकृत किया है। इसके चलते कंपनी का शेयर निवेशक समुदाय के फोकस में आ गया है। इस लेख में कंपनी की कारोबारी गतिविधियां, कारोबारी,विस्तार, वित्तीय परिणाम, प्रवर्तकों का अनुभव, इंडस्ट्री डायनॉमिक्स जैसे विषयों पर प्रकाश डाला गया है।
कंपनी की कारोबारी गतिविधियां: प्रितिका इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स लिमिटेड प्रितिका ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज का एक हिस्सा है। कंपनी मुख्य रूप से ऑटोमोटिव उद्योग के लिए, विशेष रूप से ट्रैक्टर, ट्रक और अन्य वाणिज्यिक वाहनों आदि के लिए सटीक मशीनीकृत कंपोनेंट्स के निर्माण के व्यवसाय में लगी हुई है। कंपनी ऑटोमोटिव क्षेत्र में ट्रैक्टर उद्योग को मूल उपकरण निर्माता के एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता के रूप में सेवा प्रदान करती है। कंपनी विभिन्न ट्रैक्टर और ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स का निर्माण करती है जैसे एंड कवर, कवर सीलबंद ब्रेक, डिफरेंशियल केस, कवर हाइड्रोलिक लिफ्ट, कवर ट्रांसकेस, फ्रंट व्हील हब, फ्लाई व्हील हाउसिंग, रियर एक्सल केसिंग, हाइड्रोलिक लिफ्ट कवर, ब्रेक हाउसिंग और फ्रंट इंजन सपोर्ट आदि।सब्सिडियरी कंपनी मीता कंपोनेंट्स लिमिटेड के माध्यम अब कंपनी 350 किलो तक के बड़े कंपोनेंट्स बनाने में सक्षम हो गई है।
कारोबारी विस्तार: गत वर्ष अक्टूबर माह में कंपनी ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, मीता कास्टिंग्स लिमिटेड के माध्यम से, पंजाब के होशियारपुर जिले में स्थित अपने नए संयंत्र में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर दिया है। कंपनी ने गत वर्ष अगस्त में ट्रायल प्रोडक्शन शुरू किया था, जो सफलतापूर्वक पूरा हुआ। यह निर्माण इकाई अधिक वजन वाले उत्पादों में अधिक विशेषज्ञता हासिल करेगी, जिससे मौजूदा उत्पाद श्रृंखला में मूल्य वृद्धि होगी। नया प्लांट शुरू होने से प्रीतिका समूह की क्षमता 12000 टन से बढ़कर 24000 टन प्रतिवर्ष की हो गई है।
फरवरी 2024 में ट्रैक्टर और वाणिज्यिक वाहन सेक्टर के भीतर ओईएम को सेवाएं प्रदान करने वाली कास्टिंग में स्थापित कंपनी प्रीतिका इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स लिमिटेड को फाउंड्री में उत्पादित कास्टिंग के लिए मौजूदा अग्रणी घरेलू ट्रैक्टर निर्माता से पर्याप्त ऑर्डर प्राप्त हुआ है। ऑर्डर का कुल वार्षिक मूल्य लगभग 36 करोड़ रुपए है। इस ऑर्डर का पर्याप्त मूल्य न केवल कंपनी की मजबूत बाजार उपस्थिति को दर्शाता है, बल्कि मौजूदा उद्योग की प्रमुख कंपनियां के साथ निरंतर विश्वास और साझेदारी को भी उजागर करता है। यह महत्वपूर्ण अनुबंध कास्टिंग क्षेत्र में एक प्रमुख कंपनी के रूप में प्रितिका इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स लिमिटेड की स्थिति को और मजबूत करता है।
मार्च 2024 में कंपनी को अग्रणी एमएनसी ट्रैक्टर निर्माता से नए कॉम्पोनेंट्स के लिए 24 करोड़ रुपए का वार्षिक ऑर्डर मिला है। यह महत्वपूर्ण ऑर्डर पांच नए कॉम्पोनेंट्स के उत्पादन के लिए है। यह उपलब्धि न केवल बहुराष्ट्रीय ग्राहकों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने की प्रितिका की क्षमता को उजागर करती है बल्कि वैश्विक मंच पर एक विश्वसनीय कास्टिंग आपूर्तिकर्ता के रूप में कंपनी की स्थिति को भी मजबूत करती है। कंपनी के निदेशक मंडल ने बोर्ड मीटिंग में वर्तमान क्षमता को बढ़ाने और अन्य कारोबार में विस्तार करने के लिए 49.50 करोड़ रुपए जुटाने के प्रस्ताव को मान्य एवं स्वीकृत किया है।
इंडस्ट्री डायनॉमिक्स: भारतीय ऑटो कंपोनेंट उद्योग 2025 तक वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा बनने के लिए तैयार है। 2025 तक, हर साल 4 मिलियन ईवी बेची जा सकती हैं और 2030 तक 10 मिलियन। इस बाजार के 2030 तक 206 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। भारत ऑटो कंपोनेंट सोर्सिंग के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है और उद्योग सालाना अपने उत्पादन का 25 फीसदी से अधिक निर्यात करता है। वित्त वर्ष 2026 में ऑटो कंपोनेंट निर्यात बढ़ने और 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।
बड़ी संख्या में कंपनियों के कारण भारत को शाफ्ट, बियरिंग्स और फास्टनरों जैसी ऑटो कंपोनेंट्स श्रेणियों में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्राप्त है। इस कारक के परिणामस्वरूप आने वाले वर्षों में निर्यात में वृद्धि होने की संभावना है।
ऑटो कंपोनेंट सेक्टर के लिए स्वचालित मार्ग के तहत 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति है।
ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स पर उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं से अगले पांच वर्षों में 74,850 करोड़ (US$9.58 बिलियन) रुपये का पूंजीगत व्यय आने की उम्मीद है। भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (बीएनसीएपी) न केवल ऑटो कंपोनेंट सेक्टर की मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेगा, बल्कि यह अत्याधुनिक कंपोनेंट्स के निर्माण को भी बढ़ावा देगा, नवाचार को प्रोत्साहित करेगा और वैश्विक उत्कृष्टता को बढ़ावा देगा।
उक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि देश में ऑटो कंपोनेंट सेक्टर का भविष्य उज्जवल है और इस स्थिति का फायदा ‘प्रीतिका इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स लिमिटेड’ को भी लंबे समय तक मिलेगा।
कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन: 31 दिसंबर 2024 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 82.70 करोड़ रुपए के राजस्व के मुकाबले 87.66 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। 31 दिसंबर 2024 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 3.53 करोड़ रुपए के राजस्व के मुकाबले 3.71 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है।
कंसोलिडेटेड बैलेंस शीट के अनुसार 30 जून 2024 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 21.51 करोड़ रुपए के मुकाबले 22.88 करोड़ रुपए का कुल राजस्व अर्जित किया है। उक्त तिमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 92.74 लाख रुपए के मुकाबले 94.48 लाख रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। जून तिमाही में कंपनी ने 0.72 रुपए का ईपीएस अर्जित किया है।
कंपनी की बोर्ड मीटिंग में कंपनी की अधिकृत शेयर कैपिटल को 20 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 25 करोड़ रुपए करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा कंपनी के निदेशक मंडल ने बोर्ड मीटिंग में वर्तमान क्षमता को बढ़ाने और अन्य कारोबार में विस्तार करने के लिए 49.50 करोड़ रुपए जुटाने के प्रस्ताव को मान्य एवं स्वीकृत किया है। वर्तमान में कंपनी का शेयर करीब 101 रुपए के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
प्रवर्तक अनुभव: हाल ही में कंपनी के निदेशक मंडल ने कंपनी के प्रवर्तक 53 वर्षीय हरप्रीत सिंह निब्बर को आगामी 5 वर्षों के लिए प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष के पद पर चुना है। वे आटोमोटिव इंडस्ट्री में करीब 28 वर्षों का अनुभव रखते हैं। उन्होंने वर्ष 1994 में बीटेक की डिग्री हासिल की थी और उसके बाद उन्होंने प्रमुख ट्रैक्टर निर्माता के यहां 2 वर्षों तक निर्माण इंजीनियरिंग विभाग में काम करके इंडस्ट्री का व्यापक अनुभव हासिल किया।
वर्ष 1996 में उन्होंने प्रीतिका समूह में मार्केटिंग विभाग में काम की शुरुआत के साथ पारिवारिक व्यवसाय को चुन लिया। आज वे समूह की समग्र कारोबारी गतिविधियों को सक्रिय रूप से संभाल रहे हैं और प्रीतिका समूह को नए आयाम दे रहे हैं।
नोट: यह लेख निवेश सलाह नहीं है।

