Monday, July 13, 2026 |
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प्रदेश में पहली बार Robotic Surgery से सफल Kidney Transplante

by Business Remedies
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बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर
प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी की पहुंच अब Kidney Transplante जैसे बड़े प्रोसीजर तक पहुंच गई है। शहर के CK Birla Hospital में राजस्थान की पहली रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया गया है। हॉस्पिटल के डायरेक्टर रीनल ट्रांसप्लांट डॉ. देवेंद्र शर्मा ने यह सफल ट्रांसप्लांट किया। डॉ. देवेंद्र ने बताया कि 50 वर्षीय सुरेशचंद्र (परिवर्तित नाम) क्रॉनिक किडनी डिजीज से ग्रस्त थे। वे लंबे समय से डायलिसिस पर निर्भर थे। उनकी स्थिति बिगडऩे पर डॉक्टरों ने उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी, जो उनका अंतिम विकल्प था। परिवार के सदस्य ने उन्हें किडनी डोनेट की।
3 घंटे में हुआ ट्रांसप्लांट : डॉ. देवेंद्र शर्मा और उनकी टीम ने इस सर्जरी में अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया। डोनर से किडनी की लैप्रोस्कोपिक रिमूवल की गई और ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया रोबोटिक सर्जरी से की गई। ट्रांसप्लांट सर्जरी लगभग तीन घंटे चली। डोनर से ली गई किडनी एक स्पेशल पोर्ट से रेसिपिएंट के पेट में डाली गई। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान छोटे से चीरे के माध्यम से ऑपरेशन किया गया, जिससे मरीज को न केवल कम दर्द महसूस हुआ, बल्कि उनकी रिकवरी भी तेजी से हो पाई।
रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट के कई फायदे : डॉ. देवेंद्र शर्मा ने इस सर्जरी के फायदे बताते हुए कहा कि आमतौर पर किडनी ट्रांसप्लांट के बाद मरीजों को 10 से 15 दिनों तक चलने-फिरने में कठिनाई होती है, लेकिन Robotic Surgeryकी बदौलत मरीज अगले ही दिन बिस्तर पर बैठने में सक्षम थे और केवल दो दिनों में उन्होंने चलना-फिरना शुरू कर दिया। Robotic Surgery से न केवल चीरा छोटा होता है, बल्कि इससे रिकवरी का समय भी काफी कम हो जाता है। मरीजों को सर्जरी के बाद सामान्य दिनचर्या में लौटने में ज्यादा समय नहीं लगता, और सर्जरी के दौरान होने वाला दर्द भी काफी हद तक कम हो जाता है। इस सर्जरी में डॉ. प्रतीक, डॉ. महेश, डॉ. गौरव, डॉ. निखिल और एनेस्थेसिया टीम में डॉ. अतुल पुरोहित और डॉ. रुचि बैद का विशेष सहयोग रहा। दिल्ली से आए डॉ. अनंत कुमार इस प्रोसीजर के मेंटर रहे। इस मौके पर हॉस्पिटल के वाइस प्रेसिडेंट अनुभव सुखवानी में कहा कि यह नई तकनीक चिकित्सा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई है और इससे बड़ी सर्जरी के बाद मरीजों को जल्दी आराम मिलेगा। रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट राजस्थान में भविष्य में और भी जटिल सर्जरी को सरल और प्रभावी बना सकेगा।

 



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