जयपुर,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को राजस्थान के बालोतरा जिले स्थित पचपदरा रिफाइनरी को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह परियोजना न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
इस बड़े कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक और आधुनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। कार्यक्रम स्थल पर आमजन की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं, खासकर मौजूदा भीषण गर्मी को देखते हुए राहत के उपायों पर ज्यादा ध्यान दिया गया है। जिला कलेक्टर सुशील कुमार यादव ने बताया कि पहली बार कार्यक्रम स्थल पर मिस्ट सिस्टम लगाया जा रहा है, जिससे हवा में बारीक पानी की बूंदों का छिड़काव होगा और तापमान में कमी आएगी। इसके साथ ही बड़ी संख्या में डेजर्ट कूलर भी लगाए गए हैं ताकि लोगों को अपेक्षाकृत ठंडा वातावरण मिल सके। कार्यक्रम में आने वाले लोगों के लिए पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था की गई है। हर ब्लॉक में 20 से 25 जल शिविर लगाए जाएंगे, जहां स्वयंसेवक लगातार लोगों को पानी उपलब्ध कराएंगे। इसके अलावा छाछ का भी व्यापक वितरण किया जाएगा ताकि लोग गर्मी से राहत पा सकें।
भारी संख्या में भीड़ के अनुमान को देखते हुए पार्किंग की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी दिशा से आने वाले लोगों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के लिए आधा किलोमीटर से ज्यादा पैदल नहीं चलना पड़े। यह व्यवस्था खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को ध्यान में रखकर की गई है। पचपदरा रिफाइनरी केवल ईंधन उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे पेट्रो रसायन क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर उत्पादन होगा। यहां से पॉलीप्रोपिलीन, पॉलीएथिलीन, बेंजीन, टोल्यून और ब्यूटाडाइन जैसे महत्वपूर्ण कच्चे पदार्थ तैयार किए जाएंगे, जिनके आधार पर क्षेत्र में कई नए उद्योग स्थापित होने की संभावना है।
इन कच्चे पदार्थों का उपयोग प्लास्टिक फर्नीचर, कृषि पाइप, पैकेजिंग फिल्म, ऑटोमोबाइल के पुर्जे, कृत्रिम रेशे, चिकित्सा उपकरण और पेंट तथा डिटर्जेंट जैसे रसायनों के निर्माण में किया जाएगा। इससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। इस समेकित विकास से न केवल रिफाइनरी की उपयोगिता बढ़ेगी बल्कि राजस्थान राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर मूल्यवर्धित विनिर्माण के एक उभरते केंद्र के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा।

