बिजनेस रेमेडीज/नीमच। देश में उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराने में मध्यप्रदेश के नीमच आधारित कंपनी श्री Oswal Seeds & Chemicals Ltd अहम भूमिका निभा रही है। इस लेख में कंपनी की कारोबारी शुरुआत, निर्माण गतिविधियां, वित्तीय प्रदर्शन इत्यादि विषयों की जानकारी प्रदान कर रहे हैं।
कारोबारी शुरुआत: कंपनी द्वारा कारोबार की शुरुआत वर्ष 2002 में पार्टनरशिप फर्म के तौर पर की गई थी, जो कि वर्ष 2017 में एक लिमिटेड कंपनी के रूप में परिवर्तित हो गई। कंपनी आईएसओ 22000:2005 सर्टिफाइड कंपनी है। कंपनी विभिन्न किस्मों के बीजों जैसे गेहूं, सोयाबीन, मक्का और मूंगफली इत्यादि का उत्पादन करके बिक्री का कार्य करती है। कंपनी की प्रोसेसिंग इकाई मध्यप्रदेश के नीमच में स्थित है। कंपनी में बीज की क्वालिटी को ग्राहक की मांग व आवश्यकताओं के अनुसार सुनिश्चित किया जाता है। बीज की आपूर्ति से पहले यह सुनिश्चित किया जाता है कि बीज क्षेत्र विशेष की परिस्थितियों के अनुकूल है या नहीं। यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि बीज अधिक उत्पादन देने वाला है या नहीं। कंपनी के लिए किसानों की संतुष्टि सबसे अहम है। इसके लिए कंपनी विशेषज्ञों के शोध से तैयार बीजों को ही बिक्री करने में प्राथमिकता देती है।
कंपनी के अनुभवी व विजनरी प्रवर्तक संजय कुमार बैगानी बीज निर्माण का लंबा अनुभव रखते हैं। उन्हीं के विजन से श्री ओसवाल सीड्स एंड केमिकल्स ने बीज निर्माण क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान कायम की है। उनका विजन है कि शोध के माध्यम से ऐसे बीज तैयार करना है जो किसाना की फसल का उत्पादन बढ़ाए और स्वाद में भी बेहतर साबित हो। उनका मानना है कि श्री ओसवाल सीड्स एंड केमिकल्स का विजन है कि कंपनी के उन्नत किस्मों के बीजों से किसानों की आय बढ़े और उनका जीवन सकारात्मक हो सके।
कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन: कंसोलिडेटेड बैलेंस शीट के अनुसार वित्त वर्ष 2021 में कंपनी ने 161.34 करोड़ रुपए की बिक्री कर 3.65 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ, वित्त वर्ष 2022 में कंपनी ने 240.62 करोड़ रुपए की बिक्री कर 5.44 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ और वित्त वर्ष 2023 में कंपनी ने 272.45 करोड़ रुपए की बिक्री कर 5.71 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने 269.14 करोड़ रुपए का राजस्व और 4.16 करोड़ रुपए की कर पश्चात शुद्ध हानि हुई है। वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में कंपनी ने 76.95 करोड़ रुपए का राजस्व और 2.72 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध हानि हुई है।
कंपनी की निर्माण गतिविधियां: कंपनी अपने प्रोडक्ट्स की बिक्री ‘ओसवाल’ ब्रांड नेम से कर रही है। वर्तमान में कंपनी मस्टर्ड सीड्स में ओसवाल गोल्ड प्लस, ओसवाल ओएसएम-77 और ओसवाल ओएसव्हाईएम-55, सोयाबीन में ओसवाल सुपर स्टार 211, ओसवाल जेएस9305, ओसवाल जेएस335, ओसवाल जेएस2034, ओसवाल जेएस 9560, KDS -726KDS – 753, KDS-992, MAUS-612, RVS-2001, RVS-2024, RVS-1135, उड़द में ओसवाल टीएयू-1 की, मक्का में ओसवाल सुपर पॉवर-9002, पायल11, चने में Vishal Jacky, 9218, गेहूं में ओसवाल लोक-1, ओसवाल रोचक, ओसवाल कृष्णा-11, ओसवाल राज-4037, ओसवाल शरबती-14001 की, Hi-1544 व डब्ल्यू 1212 जैकपोट ईशबगोल में ओसवाल-5001 और मूंग के बीजों के अलावा मटर पर्ल ग्रीन की बिक्री प्रमुखता से कर रही है।
कंपनी को मुख्य रूप से ग्राहक आधार बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पंजाब से प्राप्त हो रहा है। कंपनी की सहायक कंपनी श्री ओसवाल सिलियम एक्सपोर्ट इंडिया लिमिटेड ईशबगोल की भूसी और ईशबगोल की भूसी का पाऊडर का निर्माण, बिक्री और निर्यात करने का कार्य कर रही है। कंपनी का राष्ट्रीय स्तर पर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क स्थापित है।
अनुभवी प्रवर्तक
51 वर्षीय संजय कुमार बैगानी कंपनी के प्रमोटर, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। उनके पास कराधान, लेखांकन और कम्प्यूटर संबंधित क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव है। उनके पास 30 से ज्यादा वर्षों का कार्य अनुभव है। वे कंपनी के रणनीतिक निर्णयों के पीछे मार्गदर्शक शक्ति हैं। वे कंपनी के लिए समग्र रूप से योजना बनाने और तैयार करने में सहायक रहे हैं। वे कंपनी की व्यावसायिक रणनीति और व्यापारिक संबंध विकसित करने के साथ मुख्य रूप से कंपनी के लेखा विभाग और वित्त विभाग की देखभाल करते हैं।
कंपनी की ताकत और संभावनाएं: कंपनी का विस्तृत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और राष्ट्रीय स्तर पर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क कंपनी की प्रमुख ताकत है। बीजों की दुनिया में कंपनी का ओसवाल ब्रांड नेम स्थापित है और किसान कंपनी के बीजों पर विश्वास करते हैं। पिछले वर्ष मानसून अच्छा रहने से कंपनी ने बीजों की अच्छी बिक्री की है और इस वर्ष भी मानसून सामान्य रहा है। सभी जिंसों के भाव भी अच्छे रहे हैं। वहीं केन्द्र सरकार भी किसानों की स्थिति में सुधार के लिए नियमित रूप से कानून बना रही है। इससे किसानों की आय बढ़ेगी, जो कि बीज कंपनियों के भविष्य के लिए भी सकारात्मक साबित होगी। श्री ओसवाल सीड्स एंड केमिकल्स लिमिटेड को भी इस स्थिति का बड़ा फायदा मिलेगा।
नोट : कंपनी के शेयर में निवेश करने से पूर्व निवेशक पंजीकृत निवेश सलाहकारों से सलाह लेें और यह लेख निवेश सलाह नहीं है।

