बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। गुजरात के अहमदाबाद आधारित ‘ओम पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड’ पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में ईपीसी सेवाएं प्रदान करने वाली प्रमुख कंपनी है। कंपनी द्वारा मशीनरी और उपकरण की खरीद के लिए वांछित पूंजीगत व्यय आवश्यकताओं के वित्तपोषण, कंपनी द्वारा लिए गए कुछ बकाया ऋणों का आंशिक या पूर्ण पूर्व-भुगतान/ पुनर्भुगतान करने, दीर्घकालिक कार्यशील पूंजी आवश्यकता का वित्तपोषण करने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों की पूर्ति हेतु एनएसई और बीएसई मैनबोर्ड पर आईपीओ लाया जा रहा है। बिजनेस रेमेडीज की टीम ने कंपनी के प्रोस्पेक्ट्स से कंपनी की कारोबारी गतिविधियों के संबंध में जानकारी हासिल की है।
कारोबारी गतिविधियां: जून 2011 में स्थापित ओम पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड, 14 वर्षों से अधिक के अनुभव वाली एक पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) कंपनी है। कंपनी की विशेषज्ञता उच्च वोल्टेज (“एचवी”) और अतिरिक्त उच्च वोल्टेज (“ईएचवी”) ट्रांसमिशन लाइनों, सबस्टेशनों और भूमिगत केबलिंग परियोजनाओं के निष्पादन में निहित है, जिन्हें टर्नकी आधार पर पूरा किया जाता है। कंपनी की सेवाओं में डिजाइन, इंजीनियरिंग, आपूर्ति, निर्माण, स्थापना, परीक्षण, कमीशनिंग और व्यापक संचालन एवं रखरखाव (“ओ एंड एम”) सेवाएं शामिल हैं। कंपनी आईएसओ 9001:2015, ढ्ढस्ह्र 45001:2018 और आईएसओ 14001:2015 प्रमाणित है। 31 दिसंबर 2025 तक, कंपनी के पास 74,460.27 लाख रुपए मूल्य की 58 परियोजनाएं लंबित थीं, जिनमें 51 ईपीसी परियोजनाएं और 7 संचालन एवं रखरखाव अनुबंध शामिल थे। 31 दिसंबर 2025 तक, कंपनी 124 सबस्टेशनों का संचालन और रखरखाव कर रही थी। 31 दिसंबर 2025 तक, कंपनी में 1,164 स्थायी कर्मचारी कार्यरत थे।
मुख्य व्यवसाय क्षेत्र: कंपनी मुख्य रूप से ट्रांसमिशन लाइन ईपीसी परियोजनाओं, सबस्टेशन ईपीसी परियोजनाओं, भूमिगत केबल परियोजनाओं और संचालन और रखरखाव सेवाओं के व्यवसाय क्षेत्र में कार्यरत है।
उत्कृष्ट निष्पादन रिकॉर्ड: कंपनी को पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर ईपीसी में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है। कंपनी ने अभी तक 1,000 से अधिक सीकेएम ट्रांसमिशन लाइनें स्थापित की है। कंपनी 124 सबस्टेशन का संचालन एवं रखरखाव कर रही है। कंपनी की दिसंबर 2025 तक चालू परियोजनाएं 58 हैं और कंपनी ने 15 परियोजनाएं पूर्ण की है। कंपनी ने 400 केवी तक की ट्रांसमिशन लाइनों और 220 केवी तक के सबस्टेशनों की परियोजनाएं पूरी की है।
मजबूत ग्राहक पोर्टफोलियो और ऑर्डर बुक : कंपनी को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के ग्राहकों से कुल ऑर्डर बुक का 84 फीसदी हासिल होता है। कंपनी के कई राज्य की बिजली कंपनियों के साथ मज़बूत संबंध हैं और कंपनी गुजरात, राजस्थान, पंजाब, दादरा और नगर हवेली में परियोजनाएं स्थापित कर रही है। कंपनी के दीर्घकालिक संचालन एवं रखरखाव अनुबंध नियमित राजस्व की स्पष्टता सुनिश्चित करते हैं।
वित्तीय प्रदर्शन: वित्त वर्ष 2023 में कंपनी ने 121.71 करोड़ रुपए का कुल राजस्व और 6.23 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ, वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने 184.39 करोड़ रुपए का कुल राजस्व और 7.41 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ और वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 281.65 करोड़ रुपए का कुल राजस्व और 22.08 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। वित्त वर्ष 2026 की 31 दिसंबर 2025 को समाप्त अवधि में कंपनी ने 276.50 करोड़ रुपए का राजस्व और 23.37 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। वित्त वर्ष 2026 की 31 दिसंबर 2025 को समाप्त अवधि में कंपनी ने 8.45 फीसदी का कर पश्चात शुद्ध लाभ मार्जिन अर्जित किया है। वित्त वर्ष 2026 की 31 दिसंबर 2025 को समाप्त अवधि तक कंपनी का कर्ज इक्विटी अनुपात 0.32 गुना का था और इस आधार पर कह सकते हैं कि कंपनी पर कर्ज बाहर अधिक नहीं है।
प्रवर्तक अनुभव
51 वर्षीय कल्पेश धनजीभाई पटेल कंपनी के अध्यक्ष और कार्यकारी निदेशक हैं। वे कंपनी के प्रमोटरों में से एक भी हैं। वे कंपनी की स्थापना के समय से ही निदेशक मंडल में हैं। उन्होंने तोलानी फाउंडेशन गांधीधाम पॉलिटेक्निक, आदिपुर से विद्युत अभियांत्रिकी में डिप्लोमा प्राप्त किया है। वे इससे पहले ओम एंटरप्राइजेज में भागीदार थे। कंपनी के निदेशक मंडल में होने के अलावा, वे देवनंदन रिन्यूएबल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मंडल में 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़े हुए हैं। उन्हें इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के क्षेत्र में 31 वर्षों से अधिक का अनुभव है और वे सरकारी और निजी परियोजनाओं के लिए विद्युत ठेकेदार के रूप में कार्यरत रहे हैं, जिनमें ट्रांसमिशन लाइनों, सबस्टेशनों और भूमिगत केबलिंग का विकास, संचालन और रखरखाव शामिल है।
54 वर्षीय कनुभाई पटेल कंपनी के प्रबंध निदेशक हैं। वे कंपनी के प्रमोटरों में से एक भी हैं। वे कंपनी की स्थापना के समय से ही निदेशक मंडल में हैं। उन्होंने आदिपुर स्थित तोलानी फाउंडेशन गांधीधाम पॉलिटेक्निक से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है। वे इससे पहले ओम एंटरप्राइजेज में भागीदार थे। कंपनी के निदेशक मंडल में होने के अलावा, वे देवनंदन रिन्यूएबल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मंडल में 5 वर्षों से अधिक समय से निदेशक के रूप में जुड़े हुए हैं। उन्हें इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के क्षेत्र में 31 वर्षों से अधिक का अनुभव है और वे सरकारी और निजी परियोजनाओं के लिए इलेक्ट्रिकल ठेकेदार के रूप में कार्यरत रहे हैं, जिनमें ट्रांसमिशन लाइनों, सबस्टेशनों और भूमिगत केबल बिछाने का विकास, संचालन और रखरखाव शामिल है। उन्हें वर्ष 2017 में अखिल भारतीय अचीवर्स फाउंडेशन द्वारा राष्ट्रीय आर्थिक विकास और सामाजिक उत्तरदायित्वों में “व्यापार उत्कृष्टता के लिए उत्कृष्ट उपलब्धि पुरस्कार” से सम्मानित किया गया है।
52 वर्षीय कंपनी प्रवर्तक वसंतकुमार नारायणभाई पटेल कंपनी के पूर्णकालिक निदेशक हैं। वे कंपनी की स्थापना के समय से ही निदेशक मंडल में हैं। उन्होंने गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, मोडासा से इंजीनियरिंग (मैकेनिकल) में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। कंपनी के निदेशक मंडल में होने के अलावा, वे पिछले 5 वर्षों से देवनंदन रिन्यूएबल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मंडल में भी निदेशक के रूप में जुड़े हुए हैं। उन्हें ट्रांसमिशन लाइनों, उप-स्टेशनों और भूमिगत केबल बिछाने के विकास, संचालन और रखरखाव में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
आईपीओ के संबंध में जानकारी: ‘ओम पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड’ का आईपीओ बीएसई और एनएसई मेनबोर्ड पर आज खुलकर 13 अप्रैल 2026 को बंद होगा। कंपनी द्वारा बुक बिल्ट इश्यू प्रणाली से 10 रुपए फेसवैल्यू के 85,75,000 इक्विटी शेयर 166 से 175 रुपए प्रति शेयर के भाव पर जारी कर 150.06 करोड़ रुपए जुटाए जा रहे हैं। इनमें से 17.50 करोड़ रुपए कंपनी निवेशकों द्वारा ऑफर फॉर सेल के माध्यम से हासिल किए जाएंगे। आईपीओ का प्रबंधन प्रमुख लीड मैनेजर कंपनी बीलाइन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।
नोट: यह लेख निवेश सलाह नहीं है।

