बिजऩेस रेमेडीज/ नई दिल्ली/आईएएनएस NSE के प्रबंध निदेशक और सीईओ आशीष कुमार चौहान ने कहा कि भारत दुनिया की सूचना प्रौद्योगिकी (IT) राजधानी के रूप में उभरा है। साथ ही, National Stock Exchange (NSE) अपने उच्च तकनीक वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लाखों लोगों को व्यापार करने में मदद करते हुए विशाल डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करने में अग्रणी रहा है। चौहान ने कहा कि एनएसई ने 1994 में आईटी बूम के समय टेक्नोलॉजी का बीड़ा उठाया था। बाद में, वर्ष 2000 के दौरान, एनएसई ने भारत की तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन किया, बड़े अनुबंधों को आकर्षित किया और छोटी कंपनियों के लिए अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन करने का केंद्र बन गया।
अधिकारी ब्रदर्स के एमडी कैलाश अधिकारी के साथ पॉडकास्ट बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, कि आज, टेक्नोलॉजी हमारा ईंधन है और भारत दुनिया की आईटी कैपिटल है। टेक्नोलॉजी, दुनिया में एक बड़ा बदलाव लाने में सफल रही। एनएसई ने 1994 में देश का पहला पूर्ण स्वचालित, स्क्रीन-बेस्ड ऑर्डर मैचिंग सिस्टम शुरू किया। इस इनोवेशन ने आईटी सेक्टर में भारत की उभरती ताकत को दिखाया। आज, NSE दुनिया का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज बन गया है। 1994 में, भारत में 10 लाख से भी कम निवेशक थे। आज, यह संख्या बढक़र 11 करोड़ से अधिक हो गई है।
चौहान ने आगे कहा कि टेक्नोलॉजी भारत की विकास कहानी की एक प्रमुख चालक रही है। उन्होंने पॉडकास्ट के दौरान कहा कि जब टेक्नोलॉजी की बात आती है तो भारत विश्व में अग्रणी है। टेक्नोलॉजी ने भारत की विकास कहानी में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि 2,000-3,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय आईटी कंपनियों ने देश के असाधारण प्रतिभा पूल का लाभ उठाते हुए भारत में अपना आधार स्थापित किया है।

