बिजऩेस रेमेडीज/हैदराबाद
भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक, NMDC Limited ने वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में मजबूत भौतिक और वित्तीय प्रदर्शन की सूचना दी। मील के नए पत्थर स्थापित करते हुए, निवल लाभ और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। कंपनी का कर पश्चात लाभ (पीएटी) 30 प्रतिशत बढक़र 1944 करोड़ रुपए हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 1492 करोड़ रुपए था। जबकि पिछले साल के 5410 करोड़ रुपये की तुलना में राजस्व बढक़र 6531 करोड़ रुपये हो गया
असाधारण प्रदर्शन करते हुए, एनएमडीसी वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में गत वर्ष की समान अवधि के उत्पादन और बिक्री की मात्रा को पार कर गया। उत्पादन तेजी से बढकर 13.29 एमटी तक पहुंच गया और बिक्री 11.94एमटी तक पहुंच गई, जो वर्ष-दर-वर्ष (YOY) 9 प्रतिशत और 5 प्रतिशत की वृद्धि है। एनएमडीसी का 9 महीने का संचयी उत्पादन 30.77 मिलियन टन रहा, जबकि बिक्री 31.74 मिलियन टन तक पहुंच गई। NMDC ने तेज गति के साथ वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में प्रवेश किया। कंपनी का नौ महीने का निवल लाभ 25 प्रतिशत बढक़र 5196 करोड़ रुपए हो गया, जबकि टर्नओवर 13 प्रतिशत बढक़र 16715 करोड़ रुपए हो गया, पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में। एनएमडीसी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (अतिरिक्त प्रभार) अमिताभ मुखर्जी ने प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत में लौह अयस्क और इस्पात की मांग तेजी से बढ़ रही है और एनएमडीसी देश की जीडीपी वृद्धि में योगदान करने के लिए मजबूत स्थिति में है। इस वित्त वर्ष में चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, एनएमडीसी के परिणाम अनुक्रमिक आधार पर सकारात्मक बने हुए हैं, जो अगली तिमाही में विकास की गति को मजबूत करते हैं और इस वर्ष भौतिक और वित्तीय प्रदर्शन में नए रिकॉर्ड बनाने के लिए तैयार हैं।

