Monday, July 13, 2026 |
Home Breaking Newsफ्यूल, फर्टिलाइजर और फॉरेक्स पर फोकस जरूरी सिडबी के फाउंडेशन डे के कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का उद्बोधन

फ्यूल, फर्टिलाइजर और फॉरेक्स पर फोकस जरूरी सिडबी के फाउंडेशन डे के कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का उद्बोधन

मिडिल ईस्ट संकट के बीच निर्मला सीतारमण ने कहा- 3Fs यानी Fuel, Fertilizer और Forex पर फोकस जरूरी

by Business Remedies
0 comments

नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क | मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने सोमवार को कहा कि मौजूदा ग्लोबल परिस्थितियों को देखते हुए हमें 3Fs यानी फ्यूल, फर्टिलाइजर और फॉरेक्स (विदेशी मुद्रा भंडार) पर फोकस करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत बनी हुई है और कुछ लोग भारत में डर फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और इससे जनता का विश्वास कम होता है। उन्हें ऐसा करने के बजाय लोगों में विश्वास पैदा करना चाहिए।

वे मुंबई में SIDBI के 37वें Foundation Day कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति के बारे में निराशावादी और संशयवादी दृष्टिकोण फैलाने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि यह आम नागरिकों की उपलब्धियों और योगदानों को अनुचित रूप से नजरअंदाज करता है।

उत्पाद शुल्क कटौती से हो सकता है राजस्व नुकसान

उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि से उपभोक्ताओं और व्यवसायों को बचाने के उद्देश्य से पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती के कारण सरकार को वित्त वर्ष 2027 में लगभग 1 लाख करोड़ रुपए के राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

जीएसटी संग्रह बनी हुई है मजबूत

केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने कहा कि सभी हाई-फ्रीक्वेंसी इंटीकेटर्स दिखाते हैं कि घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है। सितंबर-2025 में दरों में कटौती के बावजूद जीएसटी संग्रह मजबूत बनी हुई है, जबकि खुदरा, कृषि और एमएसएमई क्षेत्रों में वाहन बिक्री और ऋण वृद्धि स्वस्थ बनी हुई है।

निजी क्षेत्र के व्यय में सालाना आधार पर हुई वृद्धि

सीतारमण ने CII के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि सितंबर-2025 में निजी क्षेत्र के व्यय में सालाना आधार पर 67 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि मार्च तिमाही में कंपनियों का लाभ मार्जिन अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष से ईंधन की ऊंची कीमतों, शिपिंग लागत में वृद्धि और निर्यात में व्यवधान के माध्यम से भारत की अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की व्यापक आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है।

कई एमएसएमई केंद्रित उपायों की घोषणा की

सीतारमण ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव व्यवसायों के कार्यशील पूंजी चक्र को प्रभावित कर सकता है और निर्यात ऑर्डर को लेकर अनिश्चितता पैदा कर सकता है। उन्होंने Small Industries Development Bank of India (SIDBI) और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के बीच एक को-लेंडिंग प्लेटफॉर्म सहित कई एमएसएमई केंद्रित उपायों की घोषणा की, जिसका उद्देश्य ऋण पहुंच का विस्तार करना है।

विशेष माइक्रो क्रेडिट कार्ड शुरू किया

उन्होंने बताया कि सरकार ने CGTMSE योजना के तहत एक विशेष माइक्रो क्रेडिट कार्ड शुरू किया है, जिससे उद्यम पोर्टल में पंजीकृत एमएसएमई 5 लाख रुपए तक के बिना गारंटी वाले ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा कैबिनेट ने ECLGS 5.0 को मंजूरी दी है, जिससे एमएसएमई के लिए 2.55 लाख करोड़ रुपए तक के ऋण उपलब्ध हो सकेंगे।



You may also like

Leave a Comment