केंद्र सरकार द्वारा जारी ताज़ा जानकारी के अनुसार Social Security Code, 2020 भारत के labour welfare framework में एक बड़ा सुधार लेकर आया है। इस कोड का उद्देश्य वर्कफोर्स के सभी वर्गों—विशेष रूप से gig workers और women employees—को व्यापक और inclusive सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। यह कोड मौजूदा नौ सामाजिक सुरक्षा कानूनों को एक single, streamlined framework में एकीकृत करता है।
Gig और Platform Workers को पहली बार मान्यता
नए नियमों के तहत पहली बार gig और platform employees को औपचारिक मान्यता दी गई है। उनके हितों की रक्षा के लिए सरकार एक Social Security Fund स्थापित करेगी। इसके साथ ही, असंगठित, gig और platform सेक्टर के विभिन्न श्रमिक वर्गों के लिए योजनाओं के निर्माण और निगरानी हेतु एक National Social Security Board बनाया जाएगा, जो नीति निर्माण में सरकार की सहायता करेगा।
सभी असंगठित, gig और platform workers को राष्ट्रीय पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के बाद प्रत्येक श्रमिक को एक Aadhaar-verified Unique Identification Number (UID) जारी किया जाएगा, जो पूरे देश में मान्य होगा।
Women Employees के लिए बड़े सुधार
Maternity Benefits
नए नियमों के अनुसार, वह महिला कर्मचारी जिसने प्रसव से पहले 12 महीनों में कम से कम 80 दिन कार्य किया हो, उसे maternity leave के दौरान उसके average daily wages के बराबर लाभ मिलेगा।
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कुल maternity leave अवधि: 26 सप्ताह
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इनमें से अधिकतम 8 सप्ताह (2 महीने) प्रसव से पहले लिए जा सकते हैं।
Adoptive और Surrogate Mothers के लिए सुविधा
जो महिला 3 महीने से कम उम्र के बच्चे को गोद लेती है या surrogate arrangement से मां बनती है, उसे बच्चे के उसके पास आने की तारीख से 3 महीने की maternity leave मिलेगी।
Medical Certification प्रक्रिया सरल
अब गर्भावस्था, प्रसव, गर्भपात या संबंधित स्थितियों के लिए medical certificate निम्न द्वारा जारी किया जा सकता है:
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Registered medical practitioner
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ASHA worker
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Qualified auxiliary nurse
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Midwife
Medical Bonus
यदि नियोक्ता मातृत्व पूर्व और पश्चात आवश्यक medical care उपलब्ध नहीं कराता है, तो महिला कर्मचारी को ₹3,500 का medical bonus दिया जाएगा (Section 64).
Nursing Breaks और Work From Home
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प्रसव के बाद काम पर लौटी महिला कर्मचारी को बच्चे के 15 महीने की उम्र तक प्रतिदिन दो nursing breaks मिलेंगे।
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जहाँ feasible हो, maternity leave के बाद work-from-home विकल्प नियोक्ता और कर्मचारी की सहमति से दिया जा सकता है।
Creche Facility
नए श्रम नियमों के अनुसार:
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50 या उससे अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों को निर्धारित दूरी के भीतर creche facility प्रदान करना अनिवार्य है।
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महिला कर्मचारियों को प्रतिदिन चार बार creche विजिट की अनुमति होगी।
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यदि creche सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो नियोक्ता द्वारा प्रति बच्चे कम से कम ₹500 प्रति माह का creche allowance दिया जाएगा (अधिकतम दो बच्चों तक)।

