Friday, February 20, 2026 |
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्बिया के राष्ट्रपति का लेख साझा किया

भारत के प्रति उनके स्नेह और AI भूमिका की सराहना

by Business Remedies
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Prime Minister Narendra Modi with Serbia President Aleksandar Vucic at AI Impact Summit 2026 discussion

नई दिल्ली,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सर्बिया गणराज्य के राष्ट्रपति अलेक्सांदर वुचिच द्वारा लिखे गए एक लेख को साझा किया, जिसमें उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), वैश्विक एआई व्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका और भारत के प्रति अपने व्यक्तिगत लगाव का उल्लेख किया है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच X पर इस लेख को भारत के प्रति सकारात्मक और विचारपूर्ण बताया। उन्होंने लिखा कि यह एक उत्कृष्ट लेख है जिसमें एआई के साथ-साथ भारत की प्रगति और भारत-सर्बिया संबंधों की मजबूती को रेखांकित किया गया है। राष्ट्रपति वुचिच ने भी X पर संदेश साझा करते हुए कहा कि वह भारत आकर AI Impact Summit 2026 में भाग लेकर प्रसन्न हैं। उनका लेख एक राष्ट्रीय समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ जिसमें व्यक्तिगत अनुभवों के साथ वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर विचार रखे गए हैं। उन्होंने विशेष रूप से प्रौद्योगिकी और नवाचार क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की।

अपने लेख की शुरुआत में वुचिच ने दिल्ली पहुंचने पर उत्साह व्यक्त किया और कहा कि यह सम्मेलन महत्वाकांक्षी तथा वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण है। उन्होंने भारत की विविधता के बावजूद एकता बनाए रखने की क्षमता की प्रशंसा करते हुए इसे जीवंत बहुलतावाद का उदाहरण बताया। उन्होंने बताया कि 1990 के दशक में लंदन में काम करने के दौरान उनका भारत के प्रति सम्मान और बढ़ा। उस समय उन्होंने कठोर परिश्रम और अनुशासन का अनुभव किया तथा कहा कि उनके साथ काम करने वाले भारतीय सबसे अधिक मेहनती थे, जिनमें पंजाब के एक सिख प्रबंधक और सागर परिवार शामिल थे। इन अनुभवों ने उनके व्यक्तित्व और सोच को प्रभावित किया।

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि कई यूरोपीय लोग भारत को कम आंकते थे, लेकिन भारतीयों की लगन और कार्यसंस्कृति ने उनकी धारणा बदल दी। उन्होंने विश्व आर्थिक मंच की चर्चा का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ लोग भारत को एआई शक्तियों में दूसरे स्तर पर मानते हैं, पर वह इससे सहमत नहीं हैं। उनके अनुसार भारत का दृष्टिकोण व्यावहारिक उपयोग और समावेशी नवाचार पर आधारित है, विशेषकर स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और वित्तीय समावेशन जैसे क्षेत्रों में। उन्होंने AI Impact Summit को केवल सम्मेलन नहीं बल्कि वैश्विक एआई चर्चा के केंद्र में भारत को स्थापित करने वाला मंच बताया। यह पहल नई तकनीक के लाभों को सभी तक पहुंचाने के उद्देश्य को दर्शाती है। वुचिच ने भारत-सर्बिया संबंधों को सहयोग और पारस्परिक सम्मान पर आधारित बताया। उन्होंने 2018 में जारी संयुक्त डाक टिकटों का उल्लेख किया जिनमें स्वामी विवेकानंद और निकोला टेस्ला को दर्शाया गया था। उन्होंने सर्बिया की क्षेत्रीय अखंडता के मुद्दे पर भारत के समर्थन की भी सराहना की।

उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 400 मिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है, लेकिन अभी भी व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। सूचना प्रौद्योगिकी, औषधि और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश और सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई। साथ ही सांस्कृतिक आदान-प्रदान, विशेषकर भारतीय फिल्मों की शूटिंग सर्बिया में होने की संभावना पर भी उन्होंने खुशी जताई। लेख के अंत में वुचिच ने कहा कि दृढ़ता, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास प्रगति के मूल तत्व हैं और भारत में ये गुण प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को ऐसा सहयोगी बताया जो शब्दों से अधिक कार्यों के माध्यम से इन मूल्यों को दर्शाते हैं और कहा कि भारत केवल भविष्य का इंतजार नहीं कर रहा, बल्कि भविष्य को आकार दे रहा है।



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