बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। एमएसएमई विभिन्न क्षेत्रों में विकास और नवाचार को बढ़ावा देते हैं। ऐसे लाखों उद्यम रोजगार के शक्तिशाली इंजन हैं। यह अधिक समावेशी और हर माहौल में ढल जाने वाली लचीली अर्थव्यवस्था तैयार करते हैं। 27 जून को मनाया जाने वाला विश्व एमएसएमई दिवस सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने, नवाचार को बढ़ावा देने और वैश्विक स्तर पर रोजगार देने में एमएसएमई की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका का जश्न मनाने का दिन है।
पीरामल फाइनेंस के मैनेजिंग डायरेक्टर जयराम श्रीधरन एमएसएमई के संपूर्ण विकास को बढ़ावा देने में वित्तीय संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए कहते हैं, ‘एक एनबीएफसी के रूप में, हम एमएसएमई के समग्र विकास को आगे बढ़ाने में वित्तीय संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हैं। उनके विकास को बढ़ावा देने के लिए, वित्तीय संस्थानों को बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। सबसे पहले तो धन तक उनकी निर्बाध पहुंच का ध्यान रखा जाना चाहिए।
माइक्रोलोन और सुविधा के अनुसार ढल जाने वाले कर्ज के तरीकों सहित अनुकूलित ऋण समाधान एमएसएमई की अनूठी जरूरतों को पूरा करते हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोन स्वीकृति प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने से अड़चनें काफ़ी हद तक कम हो जाती हैं, जिससे पूंजी तक तेजी से पहुंच संभव हो पाती है। जयराम कहते हैं, कि वित्तीय संस्थानों को व्यापक सहायता प्रणाली बनाने के लिए सरकार और उद्योग संगठनों के साथ साझेदारी करनी चाहिए। यह सहयोग एमएसएमई को अनुदान, सब्सिडी और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और स्टार्टअप इंडिया पहल जैसे मेंटरशिप कार्यक्रमों तक पहुँच प्रदान कर सकता है, जिससे उन्हें अपने संचालन को बढ़ाने के लिए आवश्यक संसाधन और मार्गदर्शन मिल सकता है।
उधार देने के अलावा, वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम भी महत्वपूर्ण हैं। एमएसएमई मालिकों को वित्तीय प्रबंधन, निवेश रणनीतियों और जोखिम न्यूनीकरण के बारे में शिक्षित करने से उन्हें अच्छे निर्णय लेने में मदद मिलती है, जिससे उनके व्यवसाय की स्थिरता और विकास क्षमता में वृद्धि होती है।
प्रौद्योगिकी और डेटा एनालिटिक्स एमएसएमई भी फाइनेंसिंग को बदल रहे हैं। अल्टरनेटिव क्रेडिट स्कोरिंग मॉडल और बिग डेटा को अपनाने से वित्तीय संस्थान एमएसएमई की ऋण योग्यता का अधिक सटीक मूल्यांकन कर सकते हैं, विशेष रूप से उन एमएसएमई की जिनका पारंपरिक क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है।
निष्कर्ष के तौर पर, वित्तीय संस्थान सुलभ वित्त प्रदान करके, वित्तीय साक्षरता बढ़ाकर, सहयोगी माहौल को बढ़ावा देकर और प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर एमएसएमई के विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह समग्र दृष्टिकोण न केवल व्यक्तिगत उद्यमों के विकास का समर्थन करता है बल्कि व्यापक आर्थिक ताने-बाने को भी मजबूत करता है।

