बिजऩेस रेमेडीज/मुंबई
पारस हेल्थ ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक प्रतिष्ठित अनुभवी यू.पी. सिंह को अपने बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया है। सिंह को गवर्नेंस, नीति निर्माण और स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट में 37 वर्षों से अधिक की अनुकरणीय सेवा और व्यापक विशेषज्ञता हासिल है। उन्हें सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों का निर्देशन करने और महारत्न और नवरत्न कंपनियों सहित प्रमुख निगमों के बोर्ड में सेवा करने का अनुभव है। यही अनुभव और विशेषज्ञता उन्हें पारस हेल्थ की निरंतर कामयाबी को संभव बनाने के उद्देश्य से दिशा प्रदान करने के लिए सक्षम बनाता है। इसके अतिरिक्त, जनता की सेवा करने में उनका विशाल अनुभव जनता को असाधारण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में महत्वपूर्ण विजन प्रदान करेगा।
पारस हेल्थ के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. धर्मिंदर नागर ने कहा कि हमें पारस हेल्थ में स्वतंत्र निदेशक के रूप में श्री यू.पी. सिंह का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। भारतीय प्रशासनिक सेवा में उनका विशिष्ट कार्यकाल और महत्वपूर्ण मंत्रालयों में उनके दूरदर्शी नेतृत्व के तहत किए गए कार्य निश्चित तौर पर हमारी कंपनी के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। गवर्नेंस, नीति निर्माण और स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट में सिंह की विशेषज्ञता महत्वपूर्ण होगी क्योंकि हम अपनी स्वास्थ्य सेवाओं में भी निरंतर इनोवेशन और एडवांस्मेंट का प्रयास कर रहे हैं। हम स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित असाधारण देखभाल प्रदान करने के मिशन पर काम कर रहे हैं और सिंह की नियुक्ति से हमारी यह प्रतिबद्धता और मजबूती से क्रियान्वित की जा सकेगी।
अपने नए दायित्व के बारे में टिप्पणी करते हुए यू.पी. सिंह ने कहा कि पारस हेल्थ में स्वतंत्र निदेशक के रूप में शामिल होकर प्रसन्न हूं और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में योगदान देने के लिए अपने व्यापक अनुभव का लाभ उठाने के लिए तत्पर हूं। सार्वजनिक सेवा और कॉर्पोरेट प्रशासन दोनों में प्रभावी शासन और हितधारकों के साथ जुड़ाव महत्वपूर्ण हैं, और मैं रोगी देखभाल के क्षेत्र में पारस हेल्थ के एक्सीलैंस संबंधी प्रयासों को और को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हूं। यू.पी. सिंह अक्टूबर 2022 में भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय के सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने वस्त्रों के लिए पीएलआई योजना और पीएम-मित्र पार्क जैसी पहलों का नेतृत्व किया, जिससे रिकॉर्ड कपड़ा निर्यात हुआ। इससे पहले, उन्होंने जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प विभाग के सचिव के रूप में कार्य किया, जिसमें नमामि गंगे, जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन- टू जैसी पहलों का नेतृत्व किया।

